नईदिल्ली
इंडियन प्रीमियर लीग के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में 8 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स ने आखिरी गेंद पर दिल्ली कैपिटल्स को हराकर सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की. मैच का नतीजा अंतिम गेंद तक झूलता रहा, जहां डेविड मिलर की एक छोटी सी चूक दिल्ली पर भारी पड़ गई.यह मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया।
211 रन के टारगेट का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 209 रन ही बना सकी और जीत से महज एक रन दूर रह गई।
आखिरी ओवर में जीत के लिए 13 रन चाहिए थे. प्रसिद्ध कृष्णा गेंदबाजी कर रहे थे. मिलर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच को आखिरी गेंद तक पहुंचा दिया. लेकिन चौथी गेंद पर सिंगल लेने से इनकार करना उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
अंतिम गेंद पर दिल्ली को 2 रन चाहिए थे. प्रसिद्ध ने धीमी बाउंसर डाली, जिसे मिलर कनेक्ट नहीं कर सके. रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव क्रीज से बाहर रह गए और जोस बटलर ने स्टंपिंग कर मैच गुजरात की झोली में डाल दिया. दिल्ली ने वाइड के लिए रिव्यू लिया, लेकिन गेंद सही करार दी गई।
जानिए आखिरी ओवर का रोमांच
19वें ओवर तक टाइटन्स का खेल पूरी तरह नियंत्रण में था और घरेलू टीम को अंतिम दो ओवरों में 36 रन चाहिए थे. इससे पहले वो सिराज के ओवर में 23 रन जड़ चुके थे।
प्रसिद्ध कृष्णा को अंतिम छह गेंदों पर 13 रन का बचाव करना था.विप्रज निगम पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद आउट हो गए, जिससे मिलर को अंतिम तीन गेंदों पर 8 रन बनाने थे.इसके बाद चौथी गेंद पर लॉन्ग-ऑफ पर एक बड़ा हिट लगाया गया जिसने दिल्ली कैपिटल्स के लिए लगभग मैच तय कर दिया।
लेकिन पांचवी गेंद जो प्रसिद्ध कृष्णा ने डेविड मिलर को फेंकी, उस पर कोई रन नहीं नहीं आया. शॉर्ट ऑफ लेंथ की बॉल को एंगल से खेला, मिलर ने घूमकर डीप स्क्वायर लेग पर पुल किया. जब कुलदीप को वापस भेजा गया तो वह आधे रास्ते पर थे. मिलर खुद ऐसा करना चाहते थे. अगर स्कोर बराबर होता तो सिंगल मिल जाता और अगर कुलदीप चूक भी जाते, तो भी मैच टाई हो जाता. इसके बाद समीकरण 1 गेंद पर 2 रन हो गया।
आखिरी गेंद पर 2 रन चाहिए थे, प्रसिद्ध ने धीमी बाउंसर फेंकी जिसे मिलर ने कनेक्ट नहीं किया, और रन के लिए चले गए, जिससे कुलदीप यादव क्रीज से बाहर हो गए।
रिव्यू में वाइड बताया गया लेकिन इसे फेयर डिलीवरी माना गया, जिससे मिलर निराश हुए.यह दिल्ली कैपिटल्स की इस सीजन की पहली हार थी, जबकि टाइटन्स ने आखिरकार तीसरी कोशिश में पूरे पॉइंट हासिल किए।
10 साल में वॉशिंगटन सुंदर ने जड़ी पहली IPL फिफ्टी
सुंदर को भारत के बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिना जाता है, लेकिन आईपीएल में अपने पहले अर्धशतक तक पहुंचने में उन्हें पूरे 10 साल लग गए. 68 मैच और 48 पारियों के बाद सुंदर ने आखिरकार बल्ला उठाकर जश्न मनाया।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सुंदर ने 32 गेंदों में 55 रन बनाए. उनकी इस पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी, बल्कि वॉशिंगटन सुंदर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है. अपने पूरे आईपीएल करियर में सुंदर को बल्लेबाजी के पर्याप्त मौके नहीं मिले और जब भी मौका मिला, वह उसे बड़े स्कोर में बदल नहीं पाए।
इससे पहले आईपीएल में उनका सबसे बड़ा स्कोर 49 रन था, जो उन्होंने पिछले सीजन में बनाया था. बता दें कि सुंदर ने 2017 में पहली बार आईपीएल खेला था. लेकिन उनके बल्ले से फिफ्टी नहीं आई थी. आईपीएल में सुंदर ने 4 टीमों के लिए खेला है और अबतक कुल 588 रन बनाए हैं।
इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने जोस बटलर के साथ मिलकर 103 रन की साझेदारी की. बटलर ने भी अर्धशतक लगाया और दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मैच का रुख बदल दिया.
ऐसी रही सुंदर की बल्लेबाजी
सुंदर की पारी को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है. शुरुआत में उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों में लगभग 29 रन बनाए. इसके बाद उन्होंने थोड़ा समय लिया और अगली 16 गेंदों में 15 रन जोड़े. फिर आखिरी चरण में उन्होंने दोबारा तेजी से रन बनाना शुरू किया।
गुजरात टाइटंस ने अंत में 4 विकेट पर 210 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. यह स्कोर ऐसे गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आया, जिसे मजबूत माना जाता है।
बटलर-गिल-सुंदर चमके
इससे पहले, जोस बटलर ने 27 गेंदों में 52 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए टीम को तेज शुरुआत दिलाई. उन्होंने मुकेश कुमार के एक ओवर में तीन छक्कों सहित 23 रन बटोरे. पावरप्ले में दिल्ली ने 68 रन बना लिए थे।
बटलर के आउट होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 70 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच छक्के शामिल थे. वॉशिंगटन सुंदर ने भी 32 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. गुजरात ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 210 रन बनाए।
दिल्ली की ओर से केएल राहुल ने 52 गेंदों में 92 रन की पारी खेली, जबकि पथुम निसांका ने 41 रन बनाए. दोनों के बीच 76 रन की साझेदारी हुई, जिससे टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी।
हालांकि, मिडिल ओवर्स में राशिद खान ने तीन विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया. इसके बाद दिल्ली की पारी लड़खड़ा गई. आखिरी ओवर से पहले दिल्ली को 36 रन चाहिए थे. मिलर ने मोहम्मद सिराज के ओवर में 23 रन बनाकर मैच में जान डाल दी, लेकिन अंत में उनकी एक गलती टीम को भारी पड़ गई।
मिलर का ओवरकॉन्फिडेंस पड़ा दिल्ली पर भारी
सीजन की शुरुआत में लगातार दो करीबी मुकाबले हारने वाली गुजरात टीम इस बार आखिरकार जीत की ओर झुकी. हालांकि, दिल्ली के डेविड मिलर लगभग हीरो बन गए थे, लेकिन आखिरी दो गेंदों में लिया गया उनका फैसला टीम पर भारी पड़ गया।
मैच का टर्निंग पॉइंट: राशिद का जादू
गुजरात की जीत के असली हीरो राशिद खान रहे. उन्होंने 4 ओवर में 17 रन देकर 3 विकेट झटके. 10वें ओवर में उनकी दो गेंदों पर दो विकेट ने मैच का रुख बदल दिया. इसी ओवर में उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज समीर रिजवी को गोल्डन डक पर बोल्ड किया. अंत में अक्षर पटेल का विकेट लेकर उन्होंने रन रेट बढ़ा दिया।
आखिरी ओवर (दिल्ली को 13 रन चाहिए थे)
1️⃣ पहली गेंद: चौका- बल्लेबाज विप्रज निगम ने बढ़िया शॉट लगाया, मैच में जान आ गई
अब समीकरण: 9 रन, 5 गेंद
2️⃣ दूसरी गेंद: विकेट-शॉट खेलने के चक्कर में निगम आउट
अब: 9 रन, 4 गेंद
3️⃣ तीसरी गेंद: कुलदीप यादव ने सिंगल लेकन डेविड मिलर को स्ट्राइक दी
अब: 8 रन, 3 गेंद
4️⃣ चौथी गेंद: मिलर ने छक्का जड़ दिया- मैच लगभग दिल्ली के हाथ में
अब: लगभग जीत तय, 2 गेंद और 2 रन चाहिए थे
5️⃣ पांचवीं गेंद: मिलर ने सिंगल लेने से मना किया
यहीं गेम बदल गया, स्ट्राइक अपने पास रखी अब: 2 रन, 1 गेंद
6️⃣ छठी गेंद (आखिरी): मिस, मिलर गेंद नहीं खेल पाए
रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव रन आउट, दिल्ली 1 रन से हार गई
दिल्ली की यह सीजन की पहली हार रही, जबकि गुजरात ने तीसरे प्रयास में जीत का खाता खोला. दिल्ली के लिए लुंगी एंगिडी सबसे किफायती गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट लिया।
GT की सबसे कम अंतर से जीत (रनों के हिसाब से)
1 रन बनाम DC, दिल्ली, 2026
6 रन बनाम MI, अहमदाबाद, 2024
7 रन बनाम LSG, लखनऊ, 2023
8 रन बनाम KKR, मुंबई DYP, 2022
14 रन बनाम DC, पुणे, 2022
DC की 1 रन से हार
बनाम CSK, चेन्नई, 2015
बनाम GL, दिल्ली, 2016
बनाम RCB, अहमदाबाद, 2021
बनाम GT, दिल्ली, 2026