तलाक के बढ़ते मामलों के बीच ‘मार्गदर्शक’ साबित होगी यह पुस्तक: मनोज तिवारी

राजेश मित्तल। नई दिल्ली,। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आजकल जिस तरह तलाक के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए यह पुस्तक ऐसे परिवारों और दंपतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक का कार्य करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुस्तक का उद्देश्य तलाक को प्रोत्साहित करना नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी कानूनी, सामाजिक और व्यावहारिक चुनौतियों से लोगों को अवगत कराना है, ताकि इस राह पर चलने वाले व्यक्ति को पहले से यह समझ हो कि उसे किन कठिनाइयों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

मनोज तिवारी शनिवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ऐडवोकेट अतुल जैन की पुस्तक “Knot or Not: Staying In or Straying Away – A Cultural, Legal and Emotional Guide to Hindu Marriage and Divorce” के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। पुस्तक हिंदू विवाह और तलाक से जुड़े कानूनी, सांस्कृतिक, भावनात्मक और सामाजिक पहलुओं पर केंद्रित है।

समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति शैल जैन, ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण (DRAT) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुधीर जैन और दिल्ली के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रितेश सिंह भी उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए लेखक एडवोकेट अतुल जैन ने कहा, “आज के दौर में दंपतियों के बीच बढ़ते पारिवारिक विवादों और बिखरते रिश्तों को देखकर ही मैंने इस विषय पर लिखने का संकल्प लिया था।” उन्होंने बताया कि लगभग दो वर्षों के कड़े शोध और परिश्रम के बाद तैयार हुई इस पुस्तक में विवाह एवं तलाक से जुड़े विभिन्न कानूनों के साथ-साथ उनके भावनात्मक, वित्तीय और सामाजिक प्रभावों का भी व्यावहारिक विश्लेषण किया गया है। अतुल जैन के अनुसार, यह पुस्तक वकीलों, कानून के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी समान रूप से उपयोगी साबित होगी।

Narender Dhawan
Author: Narender Dhawan

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