पटना
बिहार में अपने तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया है कि जून के महीने में टीचरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी। मंगलवार को शेखपुरा में एक कार्यक्रम में मौजूद सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी बताया है कि पुरुष और महिला टीचरों की कहां पोस्टिंग होगी। सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने निर्देश दिया है कि जो महिला शिक्षिका हैं उन्हें बगल वाले पंचायत में पोस्टिंग मिलेगी। सम्राट चौधरी ने कहा, 'आपकी चिंता सरकार की चिंता है। हमने शिक्षकों को कहा है कि जून के महीने में सभी का ट्रांसफर होगा।
जो महिला शिक्षिका हैं उनको उनके पंचायत के बगल वाले पंचायत में पोस्टिंग किया जाए। जो पुरुष शिक्षक हैं उनको बगल के प्रखंड में ट्रांसफर कर दिया जाए। पूरी व्यवस्था उनके घर में रहे। वो घर से जाकर हमारे बच्चों को पढ़ाने का काम कर सकें। हम उनको घर का किराया नहीं दे रहे हैं लेकिन हम व्यवस्था को लेकर उनके साथ खड़े होना चाहते हैं। हमारी शिक्षा की व्यवस्थाा सुदृढ़ हो उसको आगे बढ़ाना है।'
छात्रों-अभिभावकों की शिकायतों का 30 दिन में होगा निपटारा- शिक्षा मंत्री
इधर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों का हर हाल में अधिकतम 30 दिनों के अंदर समाधान करना होगा। निष्पादन नहीं कर सकने की स्थिति में कारण बताना होगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था के माध्यम से छात्रवृत्ति, नामांकन, प्रमाण पत्र, विद्यालय संबंधी शिकायतों एवं अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान अधिक सरल और सुगम हो सकेगा।
शिक्षा विभाग ने इसको लेकर एसओपी बनाना शुरू कर दिया है। इसके तहत सारी शिकायतों की कैटेगरी बनायी जा रही है। इसके बाद उनके निष्पादन के लिए दिनों का निर्धारण किया जाएगा। इसमें यह बताया जाएगा कि किस शिकायत का निष्पादन कितने दिनों में किया जाएगा। किसी प्रकार की शिकायत को किसी सूरत में लंबित नहीं रखा जा सकेगा।
शिक्षा विभाग ने तैयार किया है सिंगल विंडो सिस्टम
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की सारी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया है। विभाग की ओर से टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 जारी किया जा चुका है। इन नंबरों पर आमजन शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था, छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज कर सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अब विद्यार्थी और अभिभावक टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे, जिनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।