भाजपा जिला चांदनी चौक: संगठनात्मक नियुक्तियों पर उठे सवाल, पुराने दिग्गजों को दरकिनार करने का आरोप

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चांदनी चौक जिले में हाल ही में घोषित संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अंदरूनी असंतोष और चर्चाएं तेज हो गई हैं। नई सूची में अनुभवी चेहरों की उपेक्षा और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

  • वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी, ‘पैराशूट एंट्री’ को तरजीह: चांदनी चौक जिले के संगठन में लंबे समय से जमीनी स्तर पर काम कर रहे वरिष्ठ और अनुभवी कार्यकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है। प्रवीण जैन और संजीव सभरवाल (बब्बी भाई) जैसे समर्पित व कद्दावर नेताओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। आरोप है कि पार्टी के मूल विचार से दूर, बाहर से आए ‘पैराशूट’ नेताओं को पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
  • महिला आरक्षण के दावों की खुली पोल: सार्वजनिक मंचों से महिलाओं के लिए 50% आरक्षण और ‘महिला सशक्तिकरण’ की वकालत करने वाली पार्टी चांदनी चौक के अपने संगठन में 25% का आंकड़ा भी नहीं छू पाई।
  • आंकड़ों में प्रतिनिधित्व का अंतर: पूरी सूची में कुल 22 पदों में से महज 5 महिलाओं को ही टीम में जिम्मेदारी दी गई है। यह कुल नियुक्तियों का 22.7% ही है, जो पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के दावों के ठीक विपरीत है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: पुराने कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलने और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण जिले के जमीनी कैडर में भीतर ही भीतर असंतोष पनप रहा है। क्या यह नई टीम आगामी चुनौतियों का सामना एकजुट होकर कर पाएगी, इस पर सवालिया निशान लग गया है।

Narender Dhawan
Author: Narender Dhawan

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