बिहार में रेयर अर्थ और क्रिटिकल खनिजों पर फोकस, खनन को मिलेगी नई रफ्तार

 पटना
खनिज संपदा के बेहतर उपयोग और भविष्य की संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को सचिव खान एवं भूतत्व सह खान आयुक्त अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य भू-विज्ञान प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक हुई।

बैठक में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), केंद्रीय भूजल बोर्ड सहित कई संस्थानों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में राज्य की आगामी संसाधन अर्थव्यवस्था को गति देने की रणनीति पर चर्चा हुई। समीक्षा में बताया गया कि अब तक बालू, पत्थर और चूना पत्थर राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत रहे हैं, लेकिन अब रेयर अर्थ एलिमेंट और क्रिटिकल खनिजों को भी भविष्य के महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत के रूप में चिह्नित किया गया है।

विभाग के अनुसार जीएसआई ने पिछले 10 वर्षों में 38 खनिज परियोजनाओं की पहचान की है। इनमें से 13 परियोजनाएं समग्र लाइसेंस और खनन पट्टा के चरण में पहुंच चुकी हैं।

जल्द टेंडर प्रक्रिया होगी शुरू
विभाग ने बांका जिले में कापर, लेड और जिंक तथा जमुई जिले में मैग्नेटाइट के खनन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी है।

वन विभाग को इको-सेंसिटिव जोन और वन्यजीव अभयारण्यों की अद्यतन सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि खनिज परियोजनाओं की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

साथ ही राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण विकास ट्रस्ट के सहयोग से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर अन्वेषण व खनन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया

बैठक के अंत में सचिव ने सभी संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने को कहा।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment