पुडुचेरी
आठवें वेतन आयोग की टीम आज 9 सितंबर, बुधवार को पुडुचेरी में है, जहां कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ मीटिंग होने वाली है. इससे पहले चेन्नई मीटिंग संपन्न हुई. देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स के लिए चेन्नई मीटिंग से बड़े अपडेट्स सामने आए हैं।
चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को हुई आयोग की बैठकों में डाककर्मियों से जुड़े संगठन, पेंशनर ग्रुप, GPO पेंशनर्स फोरम, कुछ अन्य कर्मचारी संगठन शामिल हुए और सैलरी, पेंशन, भत्तों समेत अन्य मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखीं और सुझाव दिए. चेन्नई के ITC Grand होटल में हुई इन मीटिंग्स में संगठनों का फोकस सैलरी रिवीजन, अलाउंसेज और पेंशन रिफॉर्म पर रहा. आइए जानते हैं, चेन्नई मीटिंग से आए 5 बड़े अपडेट्स क्या हैं।
1). GPO पेंशनर्स फोरम ने रखी मांगें
चेन्नई मीटिंग में GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्यों के सामने सैलरी, पेंशन में संशोधन, भत्तों में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में सुधार का सुझाव दिया. खास तौर पर डाक कर्मियों के करियर की दिक्कतों, जरूरतों और सुधारों पर जोर दिया।
2). सैलरी में सुधार की स्थाई व्यवस्था हो
संगठन के प्रतिनिधियों ने मीटिंग के दौरान सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग की. उन्होंने सैलरी में संशोधन के लिए एक स्थाई व्यवस्था पर जोर दिया. साथ ही मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने की मांग की. संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों की बेहतरी होगी।
3). 68,000 रुपये मिले न्यूनतम वेतन
चेन्नई मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन यानी मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाकर 68,000 रुपये किए जाने का सुझाव दिया गया है. GPO पेंशनर्स फोरम के सदस्यों ने NC-JCM और शुरुआती कुछ संगठनों के सुझाव के अनुसार, न्यूनतम वेतन 69,000 रुपये किए जाने की बात उठी थी।
4). सालाना इंक्रीमेंट 6 से 7 फीसदी हो
चेन्नई में एम्प्लॉई संघ ने एनुअल इंक्रीमेंट हाइक यानी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग उठाई. संगठन ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 फीसदी करने का सुझाव दिया. NC-JCM स्टाफ साइड यानी नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने भी इस विषय को ऑलरेडी पुश किया हुआ है. NC-JCM ने सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7% करने का प्रपोजल दिया है।
5). ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल हो
GPO पेंशनर्स फोरम ने पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग रखी है. इनमें रीस्टोरिंग ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम यानी पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने की मांग की है. इसके अलावा फैमिली पेंशन को बढ़ाने की भी मांग की है. पेंशन के अन्य स्ट्रक्चर्स पर भी बात हुई है।
6). भत्तों और सुविधाओं पर भी सुझाव
अपकमिंग फिटमेंट फैक्टर, डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस पर भी बात हुई. चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने अन्य मांगों के साथ-साथ कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत, MACP फायदों में बदलाव, बेहतर भत्ते और छुट्टी के फायदे पर बात रखी. साथ ही सोशल सिक्योरिटी को और मजबूत करने वाल उपायों की मांग की।
7). महिला कर्मियों और दिव्यांगों के लिए मांग
पेंशनर फोरम के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ करियर की अन्य जरूरतों के बारे में भी बातें की और प्रोमोशन जैसे मसलों पर भी जोर दिया. डाक विभाग में महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों से जुड़ी जरूरतों और मुद्दों पर भी संगठन ने आयोग के सामने पक्ष रखा।
आज पुडुचेरी में अहम मीटिंग
चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को मीटिंग खत्म होने के बाद केंद्रीय वेतन आयोग की टीम आज पुडुचेरी में मीटिंग करने वाली है. इस मीटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े अलग-अलग संगठनों के शामिल होने की संभावना है. मीटिंग में सैलरी, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्टर, हेल्थ स्कीम समेत अन्य मुद्दों पर बात हो सकती है।