विशेष रिपोर्ट: नरेंद्र धवन, पिनांग (मलेशिया)
मलेशिया का खूबसूरत शहर पिनांग वैश्विक सिख और पंजाबी समुदाय के अभूतपूर्व संगम का गवाह बना है। एक तरफ जहां यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के तहत आने वाले 125 साल पुराने ऐतिहासिक वड्डा गुरुद्वारा साहिब का भव्य जीर्णोद्धार (रेस्टोरेशन) कर इसे संगत के लिए दोबारा खोल दिया गया है, वहीं दूसरी ओर भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक व व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दो दिवसीय ‘पंजाब-पिनांग कॉरिडोर’ सम्मेलन का ऐतिहासिक आयोजन हुआ।
आस्था और विरासत का सम्मान: 15 करोड़ से चमका 125 साल पुराना गुरुद्वारा साहिब
पिनांग स्थित 125 साल पुरानी यह ऐतिहासिक धरोहर न केवल सिख समुदाय की आस्था का केंद्र है, बल्कि मलेशियन इतिहास का भी एक अटूट हिस्सा है। जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद इसे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा संगत के लिए खोल दिया गया है।
* 15 करोड़ रुपये का बजट: इस जीर्णोद्धार पर लगभग 6 मिलियन मलेशियन रिंगिट (लगभग 15 करोड़ रुपये) की लागत आई है।
* साझा सहयोग: कुल बजट का 50% हिस्सा मलेशियन सरकार द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया गया, जबकि शेष 50% राशि वैश्विक सिख व पंजाबी समुदाय के सहयोग से जुटाई गई।
* व्यक्तिगत व सरकारी प्रयास: पिनांग के डिप्टी चीफ मिनिस्टर जगदीप सिंह देयो (दिवंगत दिग्गज सांसद कृपाल सिंह के सुपुत्र) ने पुनर्निर्माण में मलेशियन सरकार और अपने व्यक्तिगत योगदान की जानकारी साझा की।
* ग्लोबल सिख हेरिटेज सेंटर का संकल्प: सम्मेलन के दौरान कुआलालंपुर में 5 एकड़ जमीन पर ‘वर्ल्ड सिख पंजाबी हेरिटेज सेंटर’ स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर भी मंथन हुआ, जो कला, पंजाबी भाषा और संस्कृति के वैश्विक संवर्धन के लिए काम करेगा।
पंजाब-पिनांग कॉरिडोर: दो दिवसीय द्विपक्षीय व्यापार सम्मेलन
धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास के बीच वर्ल्ड सिख पंजाबी चैंबर ऑफ कॉमर्स (WSPCC) के बैनर तले आयोजित इस सम्मेलन में भारत, सिंगापुर, दुबई, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 80 से अधिक प्रमुख प्रतिनिधियों (डेलीगेट्स) ने भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य आकर्षण और ऐतिहासिक संबोधन
मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन: अधिवेशन का औपचारिक शुभारंभ पिनांग के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। उन्होंने पंजाब और पिनांग के बीच रणनीतिक साझेदारी की नींव पर जोर दिया।
“जय हिंद” और “वाहेगुरु जी की फतेह”: मंच संभाले ही डिप्टी चीफ मिनिस्टर जगदीप सिंह देयो ने अपने संबोधन की शुरुआत “जय हिंद” और “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयघोष से की, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
सिख कौम को बताया ‘वॉरियर्स’: WSPCC प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जगदीप सिंह देयो ने सिख समुदाय की बहादुरी और उद्यमिता की सराहना की और उन्हें ‘वीर योद्धा’ (Warriors) कहकर सम्मानित किया।
खुली बाहों से आमंत्रण: उन्होंने पंजाब के उद्योगपतियों और निवेशकों को मलेशिया में आकर व्यापार करने का खुला न्योता दिया।
पिनांग में निवेश और व्यापार के प्रमुख अवसर
उप मुख्यमंत्री जगदीप सिंह देयो ने कहा कि पिनांग वैश्विक निवेशकों के लिए असीम संभावनाएं प्रदान करने वाला देश है।
पिनांग को ‘ईस्ट का सिलिकॉन वैली’ कहा जाता है और सेमीकंडक्टर निर्माण और चिप डिजाइनिंग का अंतरराष्ट्रीय हब है।
डीप-टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अनुसंधान, सॉफ्टवेयर समाधान और टेक स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल माहौल।
मेडिकल टेक्नोलॉजी: अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, ए.आई. संचालित मेडिकल डिवाइसेस और बायोटेक निर्माण।
शिक्षा एवं शोध विनिमय : उच्च शिक्षा, कौशल विकास और दोनों देशों के बीच अकादमिक एक्सचेंज प्रोग्राम्स।
योगदानकर्ताओं का सम्मान और भविष्य का विजन
सम्मेलन के समापन अवसर पर WSPCC के अध्यक्ष गुरबीर सिंह मखीजा, तजिन्द्र सिंह चावला, जसबीर सिंह, बी.एस.बेंस, सच पाल सिंह, सुखदेव सिंह, जसबीर सिंह, कुलदीप सिंह बेदी, प्रीतपाल सिंह भाटिया, गुरप्रीत सिंह, चरण जीत सिंह लाली एवं अन्य प्रमुख प्रतिनिधियों को द्विपक्षीय व्यापार, सामाजिक सेवाओं और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन का समापन पिनांग के ऐतिहासिक पिनांग क्लब में एक गाला डिनर द्वारा हुआ।
यह आयोजन साबित करता है कि पिनांग में बना यह व्यापारिक गलियारा केवल दो देशों को ही नहीं जोड़ रहा, बल्कि आर्थिक सहयोग, तकनीक हस्तांतरण और सांस्कृतिक पुल निर्माण की दिशा में एक नया अध्याय लिख रहा है।
