दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा एक बड़ा अंतरराज्यीय ड्रग पेडलर गैंग, बरामद हुआ 181 किलो गांजा

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नई दिल्ली। यह बिल्कुल सही कहा गया है कि किसी भी बड़े अपराध को अगर सुलझाना है तो छोटे से छोटे पहलू व सुराग पर ध्यान देना सबसे ज्यादा आवश्यक होता है और दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम, नार्थ डिस्ट्रिक्ट ऐसा ही करके एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग पेडलर गैंग को धर दबोचा है। दरअसल, कुछ दिन पहले कई लोगों ने राजीव नाम के व्यक्ति की क्षेत्र में ड्रग्स बेचने व अन्य अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर गुलाबी बाग पुलिस स्टेशन में शिकायत की हुई थी और 9 अक्टूबर को पुलिस को खास इनपुट्स मिली थी कि राजीव अपने घर के बाहर ही है, जिसके बाद पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा और बचने के लिए राजीव ने पुलिस पर देसी कट्टे से कई राउंड फायरिंग की लेकिन कुछ संघर्ष के बाद पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही। पुलिस रिकॉर्ड में पाया गया कि राजीव के नाम पर कई गंभीर मामले पहले से ही चल रहे है।

अन्य ड्रग पेडलर्स को पकड़ने के लिए पुलिस ने इलाके में गश्त को बढ़ा दिया था और 9 अक्टूबर को ही पुलिस ने करीब 8 बजे के करीब एक संदेहजनक महिला को प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन से एक पॉलिथीन बैग के साथ पकड़ा। पूछताछ करने पर महिला की पहचान सारिका नाम से हुई जो प्रताप नगर की ही निवासी है और पिछले काफी समय से इलाके में ड्रग्स बेच रही है। सारिका के पास से पुलिस को पॉलिथीन बैग में से 41 छोटे प्लास्टिक के पाउच मिले, जिसमें कुल 108 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। जिसके बाद पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ रखने के जुर्म में सारिका को गिरफ्तार कर लिया और गुलाबी बाग थाने में मामला दर्ज किया गया था। विशेष इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने 10 अक्टूबर को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से एक 55 साल की एक अन्य महिला ड्रग पेडलर सीमा को 110 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार करा था।

ड्रग पेडलर्स की लगातार हो रही धरपकड़ के बाद सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन की टीम ने मंजू के टीला इलाके से एक और महिला ड्रग पेडलर रोमा को लगभग 10 लाख रुपए के गांजे के साथ 12 अक्टूबर को ​पकड़ा था। ड्रग पेडलर मामले में सभी पहलू को जोड़ने के बाद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ का गठन किया गया तथा स्थानीय मुखबरों को सक्रिय कर दिया गया। जिसके बाद 17 अक्टूबर को पुलिस को भारी मात्रा में गांजे की आपूर्ति जो दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश राज्य से राजधानी के मोरी गेट में आने की एक गुप्त सूचना मिली। इस मामले में सब इंस्पेक्टर हंस राम को स्थानीय मुखबरों से विशेष जानकारी मिली कि 3 ड्रग पेडलर्स मोरी गेट बस टर्मिनल पर ड्रग्स की भारी मात्रा को आगे ठिकाने लगाने पर लगे हुए है और बिना समय गवाए इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर हंस राम, विनीत कुमार, एडिशनल सब इंस्पेक्टर यशपाल सिंह, राज कुमार, हरफूल सिंह, हेड कांस्टेबल संजीव, प्रवीण, दीपक, आस मोहम्मद, कांस्टेबल विक्की और एडिशनल सब इंस्पेक्टर एसएस रेड्डी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर मोरी गेट बस टर्मिनल के पास एक जाल बिछाया और दोपहर के लगभग 12:45 बजे के करीब मौके पर 3 व्यक्ति प्लास्टिक के बड़े—बड़े थैलों के साथ पाए गए और पाँच मिनट के बाद एक और आदमी उनके साथ शामिल हो गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन सब पर धावा बोल दिया। पकड़े गए चारों ड्रग पेडलर्स आंध्र प्रदेश के रहने वाले है तथा इनकी पहचान 66 वर्ष शोलाई राज, 30 वर्ष पोल्जू बाबू राव, 26 वर्ष गुडेपु नागेश्वर राव व 36 वर्ष रमेश के रूप में हुई हैं। इन चारों ड्रग पेडलर्स के पास से मिले प्लास्टिक थैलों में से 181 किलो गांजा बरामद हुआ है। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के अनकापल्ले के नरसीपट्टनम में रहने वाले अर्जुन नाम के व्यक्ति से यह गांजा खरीदा था। जानकारी के अनुसार, बरामद हुई 181 किलो गांजा की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत 1.80 करोड़ रुपये की है। इस प्रकार दिल्ली पुलिस ने तार पर तार जोड़ते हुए इस बड़े अंतरराज्यीय ड्रग पेडलर्स गिरोह का पर्दाफाश किया है।


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