प्रदर्शनकारियों के स्थान की काटी बिजली व लंगर की गाड़ियों पर लगाई पाबंदी

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नई दिल्ली। कृषि कानूनों को लेकर किसानों के प्रदर्शन के 60वें दिन 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बीच दिल्ली पुलिस ने किसानों के रूख को देखते हुए पुलिस ने सख्ती करना शुरू कर दी है आपको बता दे कि गई सख्ती के तहत पुलिस ने दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर सख्ती कर दी है जिस दौरान सिंघु बॉर्डर पर पुलिस और मीडिया के अलावा किसी भी गाडी को जाने की अनुमति नही दी जा रही है।

26 जनवरी को हुई हिंसा में किसानों के रूख को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के स्थान सिंघु बॉर्डर पर लंगर की गाडियों से लेकर सारे वाहनो पर रोक लगा दी है और गाजीपुर बॉर्डर पर भी पुलिस ने किसानों को दी हुई बिजली सुविधा काट दी है, हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली पुलिस और अधिकारिओं के साथ कई बार हिसां को लेकर बैठक कर चुके हैं हुई बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। आपको बता दे कि हिंसा में घायल हुए अस्पताल में भर्ति पुलिस कर्मियों को देखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को दो अस्पतालों का दौरा करेंगे।

Farmers Protest: 35 Thousand Rotis And 7 Quintals Of Rice Are Being Made  Daily In Langar, Tea Is Made From 100 Kg Of Milk - लंगर में रोज बन रही हैं  35

दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर दर्ज एफआईआर में शामिल नेताओं को लुकआउट नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के संबंध में पुलिस के साथ समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस राजेवाल सहित कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया हैं तथा 3 दिनों के अन्दर जवाब मांगा है।

दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 25 से ज्यादा केस दर्ज किए हैं और दिल्ली पुलिस ने हिसंा में शामिल 50 लोगो को हिरासत में ले लिया तथा 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही पुलिस का कहना है कि हिंसा में पाए गए दोषियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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