भारतीय शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव, 10+2 होगी खत्म

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नई दिल्ली। भारतीय सरकार ने देश की शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव का निर्णय लिया हैं। आखिरकार 34 साल पुरानी शिक्षा नीति में बदलाव कर नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी गई। केंद्र सरकार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए शिक्षा नीति में अहम बदलाव कर दिए है। शिक्षा प्रणाली(education system) में इस मॉडिफिकेशन (Modification) से 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह से समाप्‍त कर दिया जाएगा, इसे शिक्षा प्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।

उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधारों में 2035 तक 50 फीसद सकल नामांकन अनुपात का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एकाधिक प्रवेश/ निकास का प्रावधान शामिल है। आपको बता दे कि नई शिक्षा नीति में 10+2 के प्रारूप को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। 10+2 को 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है। यानी कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा एक और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा। इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12)। इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं।

जानकारों की माने तो शिक्षा प्रणाली में इस बदलाव के कारण बच्चों का आधार और मजबूत होगा। यह प्रणाली कक्षा के बजाय एक चरण की तरह है, और प्रत्येक चरण को पूरा करने से यह बच्चों में अधिक समझ बढ़ाएगा। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा कि उच्‍च शिक्षा में कई सुधार किए गए हैं। सुधारों में ग्रेडेड अकैडमिक, प्रशासनिक और वित्‍तीय स्‍वायत्‍त्‍तता आदि शामिल है। नई शिक्षा नीति और सुधारों के बाद हम 2035 तक 50 फीसद सकल नामांकन अनुपात (GER) प्राप्त करेंगे।

नई शिक्षा नीति में सभी उच्च शिक्षा के लिए एक एकल नियामक गठन किया जाएगा। कई ‘निरीक्षणों’ के स्थान पर अनुमोदन के लिए स्व प्रकटीकरण आधारित पारदर्शी प्रणाली के तहत काम करना शामिल है। क्षेत्रीय भाषाओं में ई-कोर्स शुरू किए जाएंगे। वर्चुअल लैब्स (virtual Labs) विकसित किए जाएंगे। एक नेशनल एजुकेशनल साइंटफिक फोरम (NETF) शुरू किया जाएगा।

देश में 45,000 कॉलेज हैं। ग्रेडेड स्वायत्तता के तहत कॉलेजों को शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता दी जाएगी। मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम (exam system) में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी। 4साल का डिग्री प्रोग्राम फिर M.A. और उसके बाद बिना M.Phil के सीधा PhD कर सकते हैं। बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई प्रस्ताव नई एजुकेशन पॉलिसी में है। बोर्ड परीक्षाओं के महत्व के कम किया जाएगा। इसमें वास्तविक ज्ञान की परख की जाएगी।

नए सुधारों में टेक्नोलॉजी(technology) और ऑनलाइन एजुकेशन (online education) पर जोर दिया गया है। अभी हमारे यहां डीम्ड यूनविर्सिटी (Deemed university), सेंट्रल यूनिवर्सिटीज (Central Universities) और स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूशंस (Standalone institutions )के लिए अलग-अलग नियम हैं। नई एजुकेशन पॉलिसी के तहते सभी के लिए नियम समान होगा।

New education policy of India which will be implemented by 2030, 10+2 system will be replace by 5+3+3+4 format.

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