कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए एटीएम भी है एक बड़ा खतरा

Spread the love

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस की महामारी को कम करने के लिए केंद्र सरकार हर कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन का निर्णय लिया था और सभी नागरिकों को इसे गंभीरता से पालन करने की अपील की थी और जिससे लोग ठीक ढंग से पालन कर भी रहे है। राज्यों की पुलिस भी लोगों से अपने घर पर रहने की अपील की है और आवश्यक होने पर ही सड़कों पर उतरने का अनुरोध कर रही है। ​गौरतलब है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण बाजार में नकदी का प्रवाह बहुत प्रभावित हुआ है और देश के अधिकांश लोगों के पास आपातकालीन कैश पड़ा हुआ ​है जिससे वह अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग कर रहे है।

आमतौर पर लोगों को हर महीने के अंत या महीने के पहले दिन पर वेतन मिलती है और वर्तमान लॉकडाउन के चलते यह माना जा है कि कम नकद राशि के चलते अगले तीन दिन में नकदी को निकालने के चलते एटीएम के बाहर काफी भीड़ देखी जा सकती है जो कोरोना वायरस के संचरण के मामले में बहुत खतरनाक हो सकता है। गौरतलब है कि भारत इस वायरस के तीसरे चरण में है और यह पूरे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। जैसा कि हमने यूरोप में देखा है कि इसी चरण में कोरोना तेजी से फैला था और लोगों की इसी अनदेखी के चलते यह वायरस ने यहां एक विकराल रुप ले लिया है।

इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और बैंकों को योजना बनानी बन सकती है। बैंको को मोबाइल एटीएम को हर क्षेत्र में प्रतिनियुक्ति करना ​चहिए जिससे एटीएम के बाहर कतार न लगे। साथ ही स्थानीय अधिकारी भी लोगों को इस सुविधा के बारे में बताए ताकि वे इसके बारे में जागरूक रहे। विश्लेषक अभिषेक सिंह मोइनुद्दीन मोंडल के अनुसार अगर सरकार यह कदम लेती है तो जमा होने वाली भीड़ को 15-25 प्रतिशत तक के लिए कम किया जा सकता है। वृद्ध लोग इस संक्रमण से सबसे अधिक शिकार हुए है और इस लॉकडाउन में नकदी निकालने के लिए बाहर जाना उनके ​लिए खतरे से खाली नहीं हो सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *