ग्लोबल वार्मिंग की वजह से कनाडा की आखिरी हिमचट्टान टूटी

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ओटावा। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या वर्तमान और पश्चात की पीढ़ियों दोनों के लिए बहुत चिंता पैदा कर रही है। ग्लेशियरों और हिमखंडों के पिघलने से पृथ्वी के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो निचले भूमि स्थानों के लिए बहुत समस्या पैदा कर रहा है। इसी बची कनाडा में साबुत बची आखिरी हिम चट्टान का ज्यादातर हिस्सा ग्लोबल वार्मिंग के चलते टूटकर विशाल हिमशैल द्वीपों में बिखर गया है।

आपको बता दे कि एलेसमेरे द्वीप के उत्तरपश्चिम कोने पर मौजूद कनाडा की 4,000 वर्ष पुरानी मिलने हिमचट्टान जुलाई अंत तक देश की अंतिम अखंडित हिमचट्टान थी। कनाडाई हिम सेवा की बर्फ विश्लेषक एड्रीन व्हाइट ने गौर किया कि उपग्रह से ली गई तस्वीरों में इसका 43 प्रतिशत हिस्सा टूट गया है।

व्हाइट ने कहा कि इसके टूटने से दो विशाल हिमशैल के साथ ही छोटी-छोटी कई हिमशिलाएं बन गई हैं और इन सबका पहले से ही पानी में तैरना शुरू हो गया है। सबसे बड़ा हिमशैल करीब-करीब मैनहट्टन के आकार का यानि 55 वर्ग किलोमीटर है और यह 11.5 किलोमीटर लंबा है। जबकि इनकी मोटाई 230 से 260 फुट है। उन्होंने कहा कि यह बर्फ का विशाल, बहुत विशाल टुकड़ा है।

Canada’s last iceberg in Ellesmere Island broken due to global warming.


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