मातृ-पितृ भक्ति दिवस: सेवा, सम्मान और ‘विश्वास का संकल्प’
मातृ-पितृ भक्ति दिवस: सेवा, सम्मान और 'विश्वास का संकल्प' प्रातकाल उठि कै रघुनाथा, मातु-पिता गुरु नावहिं माथा भावार्थ- प्रभु श्रीराम प्रातः काल उठकर माता-पिता और गुरु को मस्तक नवाते हैं। हमारी भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा यदि किसी मूल्य में समाहित है, तो वह माता-पिता के प्रति भक्ति और सेवा है। यह केवल एक … Read more