दिल्ली विश्वविद्यालय में एडहॉक और अस्थायी शिक्षकों की हड़ताल

दिल्ली यूनिवर्सिटी एडहॉक और अस्थायी शिक्षक

एडहॉक और अस्थायी शिक्षकों की हड़ताल

Spread the love

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों के मामले में जारी पत्र को वापस लेने समेत कई मांगों को लेकर एडहॉक और अस्थायी शिक्षकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शन कर रहें शिक्षक पुलिस के सामने कुलपति कार्यालय के सामने अंदर जाने के लिए अड़े हैं।

शिक्षकों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय तदर्थ शिक्षक डीयू में काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें स्थायी पद देते हुए उनकी नियुक्तियां नहीं की गईं। इसके साथ ही लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति भी नहीं की गई है। डूटा के अध्यक्ष प्रो. राजीब रे, उपाध्यक्ष आलोक रंजन पांडेय समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षक हंसराज सुमन, डीयू के अकादमिक परिषद के सदस्य डॉ. रसाल सिंह मौजूद थे।

बता दे कि इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. योगेश त्यागी के कार्यालय का मुख्य गेट को बुधवार को शिक्षकों ने तोड़ दिया। बुधवार से डीयू शिक्षक संघ (डूटा) की तरफ से तदर्थ शिक्षकों की बहाली, शिक्षकों की पदोन्नति, 28 अगस्त को डीयू के कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों के मामले में जारी पत्र को वापस लेने समेत कई मांगों को लेकर परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए हड़ताल का आह्वान किया था।

इसी क्रम में सैकड़ों शिक्षक आट्र्स फैकल्टी में जुटे और यहां से कुलपति के कार्यालय पर पहुंचे और मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। साथ ही शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में कार्यालय की दीवारों पर भी प्रशासन व कुलपति के खिलाफ विभिन्न बातें लिखीं। दफ्तर की दीवार पर आजादी के नारे भी लिखे।

वहीं, डीयू प्रशासन की तरफ से कहा गया कि हमारी तरफ से डूटा एवं अन्य शिक्षकों से उनकी मांगों को लेकर बीते दिनों बातचीत की गई थी। उनसे कहा गया था कि वह परीक्षा मूल्यांकन में शामिल हों और इसके संचालन में हिस्सा लें। उनकी मांगों को लेकर उनसे बातचीत की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *