तापमान बढ़ने से मृत्यु दर पर हो रहा असर

जलवायु परिवर्तन तापमान की वजह से हुआ ज्यादा

तापमान बढ़ने से भारत में हर साल मौत की दर बढ़ी

Spread the love

नई दिल्ली। दिवाली पर पटाखे और सड़कों पर पटाखे के साथ आसमान जलता है, पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। दिल्ली, पहले से ही वायु गुणवत्ता के स्तर के साथ खराब है। अक्टूबर के महीने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए, इंडिया टुडे डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने पाया कि राजधानी में हवा की गुणवत्ता दीवाली से कम से कम दो सप्ताह पहले से खराब होने लगी और रविवार, 27 अक्टूबर को चरम पर पहुंच गई।

दिल्ली में जलवायु परिवर्तन एवं मौसम में होने वाले बदलावों का मनुष्य एवं अर्थव्यवस्था पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जैसे कि… जलवायु परिवर्तन की वजह से तापमान हुआ ज्यादा :— सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन की वजह से तापमान बहुत ज्यादा बढ़ेगा। इस कारण भारत में हर साल लोगो की मौत होती जा रही है। 35 डिग्री से ज्यादा तापमान वाले दिनों में आठ गुना इजाफा होगा। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें, तो बेहद गर्म दिनों की संख्या 22 गुना बढ़ जाएगी। इसका मतलब है कि दिल्ली में हर साल गर्मी के चलते 23 हजार लोग की मौत हो रही है। वर्तमान वातावरण को देखते हुए देश का औसत वार्षिक तापमान 24 डिग्री सेंटीग्रेड से बढ़ कर 2100 तक 28 डिग्री सेंटीग्रेड पहुंचने की संभावना है।

वायु प्रदुषण से होने वाली बिमारी :— वायु प्रदूषकों जैसे कण कण या सल्फर डाइऑक्साइड को नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण कारण मानव स्वास्थ्य पर उनके हानिकारक प्रभाव हैं। इन प्रभावों में समय से पहले मौत शामिल है, साथ ही पुरानी दिल और फेफड़ों की बीमारी की घटनाओं में वृद्धि होती है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसे कैंसर, मिर्गी, मधुमेह और यहां तक ​​कि वयस्क शुरुआत की बीमारियों के जोखिमों को बढ़ाता है।

तापमान बढ़ने से मृत्यु दर पर असर :— गर्मियों के बढ़ते औसत तापमान और बेहद गर्म दिनों की बढ़ती संख्या का असर मृत्यु दर पर पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक उत्तरप्रदेश (402280), बिहार (136372), राजस्थान (121809), आंध्रप्रदेश (116920), मध्यप्रदेश (108370) और महाराष्ट्र (106749) जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई तापमान में बढ़ोतरी के कारण कुल अतिरिक्त मौतों में 64 फीसदी का योगदान दे रहे हैं, जिसे कि हर साल मौत की दर बढ़ती जा रही है।

तापमान बढ़ने से भारत में 2500 मौतें :— दुनियाभर में जीवाश्म ईंधन पर बढ़ती निर्भरता का बुरा असर आने वाले समय में भारतीयों पर पड़ेगा। ऐसे में जलवायु एवं वायु प्रदूषण के जोखिम का प्रबंधन बेहद अनिवार्य है। 2015 में तापमान बढ़ने के कारण भारत में 2500 मौतें दर्ज किए जाने के बाद भारत और दुनिया का भविष्य भी चिंताजनक दिखाई देता है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के उन्मूलन पर काम करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *