सरसों का तेल प्रयोग करने वाले लोग जानिए कितने हैं इसके लाभ

सरसों का तेल पौष्टिक मांसपेशियां मजबूत

सरसों का तेल सरसों के बीज से निकाला जाता है

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दिल्ली अप-टू-डेट

नई दिल्ली। सरसों का तेल ग्रमीण क्षेत्रों में व कई अन्य परिवारों में प्रयोग होता है। जैसा कि सभी जानते है कि सरसों का तेल सरसों के बीज से निकाला जाता है। यह पूर्वी और उत्तरी भारत में ज्यादातर सब्जी, अचार बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस तेल में बीटा कैरेतीं प्रोटीन, विटामिन, आयरन, फैटी एसिड, कैल्शियम एवं मैंग्निशियम आदि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं।

अगर आप सरसों के तेल का इस्तेमाल नही करते है, तो अब से प्रयोग करना शुरु कर दे। क्योकि सरसों के तेल के भी बहुत लाभ हैं। इसके स्वास्थ्यवर्धक गुण, सेहत और सौन्दर्य को बढ़ाता हैं। जरुर पढ़े और जानें कि सरसों के तेल के कितने लाभ हैं:-

1 सरसों के तेल को बहुत पौष्टिक माना जाता है, इसलिए इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए भी किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होने से सर्दियों में यह अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

2 सरसों के तेल की मालिश करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रक्त संचार भी बेहतर होता है। यह शरीर में गर्माहट पैदा करने में भी मददगार होता है। सरसों के तेल की तासीर गर्म होने के कारण अर्थराइटिस के रोगियों के लिए सर्दी के मौसम में जोड़ों के दर्द से बचने के लिए सरसों के तेल की मालिश करना लाभदायक होता है।

3 सरसों के तेल दांतों की तकलीफ में नमक मिलाकर रगड़ने से लाभदायक होता है, साथ ही दांत पहले से अधिक मजबूत हो जाते हैं। सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों की मालिश करने से दांत के दर्द से राहत मिलने के साथ हीं दाँत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं एवं दाँतों का पीलापन दूर हो जाता है।

4 सरसों के तेल से त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बेहद लाभदायक होता है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है।

5 सरसों के तेल से यह बालों की जड़ों को पोषण देकर रक्तसंचार बढ़ाता है जिससे बालों का झड़ना बंद हो जाता है। इसमें ओलिक एसिड और लीनोलिक एसिड पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं। सरसों के तेल से स्कैल्प की मालिश करने से सर में रक्त के संचार में वृद्धि होती है। जिससे बालों की जड़ मजबूत होती है। इसके नियमित प्रयोग से बालों का झाड़ना रुक जाता है तथा बाल काले और घने हो जाते हैं। नियमित रूप से बालों में लगाने से असमय हो रहे सफ़ेद बालों की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

6 सरसों तेल को कई लोग एक टॉनिक के रूप में भी प्रयोग करते हैं। यह शरीर की कार्य क्षमता बढ़ा कर शरीर की कमजोरी को दूर करने में सहायता करता है।इस तेल की मालिश के बाद स्नान करने से शरीर और त्वचा दोनों स्वस्थ रहते हैं। सर्दियों के मौसम में सरसों के तेल से शरीर की मालिश करते रहने से त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है।

7 सरसों के तेल में ठंड के दिनों में गर्माहट के लिए रामबाण इलाज है, हल्के गर्म तेल की मसाज से रूखी-सूखी त्वचा भी नर्म, मुलायम व चिकनी हो जाती है। सरसों के तेल की मालिश से गठिया रोग और जोड़ो का दर्द भी ठीक हो जाता है।

8 सरसों के तेल में विटामिन ई भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा को अल्‍ट्रावाइलेट किरणों और पल्‍यूशन से बचाता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक राहत दिलाने में मदद करता है। सरसों के तेल एंटीफंगल गुण से युक्त होने के कारण त्वचा में होने वाले फंगल संक्रमण जैसे लाल पैचेस, बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होने वाली खुजली आदि समस्या होने पर प्रभावित स्थान पर लगाने से संक्रमण को बढ़ने से रोकने में सहायक होता है।

9 सरसों के तेल में भूख नहीं लगने पर भी आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर भूख न लगे, तो खाना बनाने में सरसों के तेल का उपयोग करना लाभप्रद होता है। शरीर में पाचन तंत्र को दुरूस्त करने में भी लाभदायक होता है।

10 सर्दी के मौसम में जुखाम के कारण नाक से सांस लेने में परेशानी होने पर नाक में दो-दो बूँद सरसों के तेल को डालने से नाक खुल जाती है और सांस लेना सुगम हो जाता है। सरसों के तेल का प्रयोग करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा भी कम होता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरुर शामिल करें।

11 सरसों के तेल को त्वचा पर लगाकर धूप में निकलने पर सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव त्वचा पर नहीं पड़ता है। ये प्राकृतिक सनस्क्रीन लोशन का काम करता है। जिसके कारण तेज धूप से त्वचा काली नहीं पड़ती है। चेहरे की त्वचा पर सन टैनिग के कारण काले धब्बे पड़ गए हों तो बेसन, मलाई, नीम्बू का रस और सरसों के तेल के मिश्रण का लेप बनाकर प्रभावित स्थान पर हफ्ते में दो- तीन बार लगाते रहने से सन टैनिग दूर हो जाती है।

12 सरसों के तेल को रात में सोने से पूर्व नाभि पर लगाने से होंठ गुलाबी और मुलायम बनी रहती है। सर्द हवाओं के प्रभाव से बार -बार होंठों के सूखने की समस्या को दूर करने में सरसों का तेल का प्रयोग किसी भी प्रकार के लिप बाम से अधिक असरदार होता है।

13 सरसों के तेल के दर्द निवारक, एंटीफंगल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले गुणों के अतिरिक्त त्वचा एवं बालों की सुन्दरता में वृद्धि करने के गुण होने के कारण आयुर्वेद में इसे औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता हैं। सरसों के तेल का प्रयोग व्यंजन बनाने में करने से भोजन आसानी से पच जाता है। जिससे पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या नहीं होती है।

14 खाँसी होने पर सरसों के तेल में लहसुन को कूट कर गर्म करने के बाद गुनगुने तेल से छाती और पीट की मालिश करने से कफ बाहर निकल जाती है। जिससे खाँसी जल्दी ठीक हो जाती है। सरसों के तेल में कपूर मिलाकर गर्म कने के बाद गुनगुने तेल से छाती और पीठ की मालिश करने एवं गर्म पानी इस तेल की कुछ बुँदे डालकर भाप लेने से खांसी और जुखाम को दूर करने में औषधि का काम करता है। सर्दी के मौसम में लगातार कफ और खाँसी के कारण फेफड़े में सूजन आ जाती है। जिसे ब्रोंकाइटिस रोग हो जाता है। इस रोग में सरसों के तेल से छाती की मालिश करने से फेफड़े की सूजन को कम करने में सहायक होता है।

15 डायबिटीज के रोगियों को सर्दी के मौसम में लम्बे समय तक कफ जमे रहने से निमोनिया रोग का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए नियमित रूप से सरसों के तेल की मालिश छाती और पीठ में करते रहने से निमोनिया रोग से बचाव होता है।

15 शरीर में सरसों का तेल लगा लेने से मच्छर नहीं काटते हैं। इस तेल की गंध से मच्छर दूर भागते हैं जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी रोगों से शरीर की रक्षा होती है।

16 सरसों के तेल में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का गुण होता है। ये तेल शरीर के लिए औषधि का काम करता है। सर्दी के मौसम में नवजात शिशु के शरीर की मालिश सरसों के तेल से करने शिशु की सर्दी से बचाव होती है एवं माँसपेशियाँ मजबूत होती है।

17 सरसों के तेल में ग्लूकोसिनोलेट नामक तत्व पाया जाता है जो शरीर में कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है। सरसों के तेल से बने भोजन का सेवन करने से पेट के कैंसर होने का खतरा कम रहता है।

18 सरसों के तेल को त्वचा पर लगाकर बाहर निकलने से त्वचा प्रदूषण से संक्रमित नहीं होती है। ये तेल गाढ़ा होने के साथ हीं विटामिन ई से पूर्ण होता है। जिसके कारण सूर्य की अल्ट्रावोइलेट किरणों एवं वातावरण में मौजूद अन्य प्रकार के प्रदूषण से शरीर की त्वचा सुरक्षित रहती है। जिससे स्किन कैंसर से भी बचाव होता है।

19 सरसों के तेल की मालिश रात को सोने से पूर्व तलवे पर करने से आँखों की रोशनी तेज होती है तथा नींद अच्छी आती है। जिससे अनिद्रा और तनाव की समस्या दूर हो जाती है। पाचन सम्बन्धी समस्या होने पर नियमित रूप से रात को सोने से पहले नाभि में सरसों का तेल लगाने से समस्या दूर हो जाती है।

20 ज्यादा देर तथा लगातार कंप्यूटर पर काम करने के कारण आँखों में जलन एवं सूखापन की समस्या हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए रात को सोने से पूर्व नियमित रूप से सरसों के तेल की दो से तीन बूँद लगाने से समस्या दूर हो जाती है।

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