मथुरा में टेस्टिंग लैब में नमूनों के परीक्षण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी

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मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा की दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी में राज्य की 20वीं कोविड-19 टेस्टिंग लैब बनकर तैयार हो गई है तथा इसमें नमूनों के परीक्षण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जायेगी। सूबे के प्रमुख सचिव पशुधन भुवनेश कुमार ने टेस्टिंग लैब का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।

यूनिवर्सिटी के डीन डा एसके गर्ग ने शुक्रवार को बताया कि यह प्रयोगशाला लगभग दस दिन से अधिक पहले तैयार हो गई थी लेकिन कुछ कमियों के कारण शुरू नही हो पा रही थी। लॉकडाउन के कारण जहां बंगलूरू से टेस्टिंग किट और कुछ रसायन आने में विलम्ब हो रहा था वहीं इस लैब में लगने वाली बर्न यूनिट नहीं लग पा रही थी। उन्होंने बताया कि बंगलूरू से किट और रसायन हाल में ही आ गए थे तथा वायरस को नष्ट करने की प्रक्रिया से संबंधित बर्न यूनिट के लगने का कार्य भी गुरूवार को पूरा हो गया।

डा. गर्ग ने बताया कि किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) को भी लैब के तैयार होने की सूचना दे दी गई है तथा उनके निर्देशों की प्रतीक्षा है जिसके अनुसार इस लैब में मथुरा और बाहरी जिलों के नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। इस लैब को प्रदेश की शेष अन्य 19 लैब से भी जोड़ा जाएगा। लैब के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर अंकुश लग सकेगा।

उन्होने बताया कि सोमवार से इसमें ट्रायल रन शुरू हो जाएगा। टेस्टिंग लैब को स्टैन्डर्डाइज करने के लिए पहले कुछ ऐसे नमूनो का परीक्षण होगा जिनका परीक्षण पहले ही हो चुका है। टेस्टिंग किट के साथ आए नमूनों का परीक्षण कर एवं एक या दो गैर कोरोनावायरस का भी परीक्षण कर लैब को स्टैंडर्डाइज किया जाएगा।

डीन ने कहा कि लैब के संचालन के लिए नोडल अधिकारी दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी की माइक्रोबायलोजी विभाग की प्रोफेसर एवं हेड डा रश्मि सिंह को बनाया गया है और उनकी मदद इसी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा विनोद कुमार सिंह करेंगे।

उनका कहना था कि इस कार्य में सहयेाग के लिए केडी मेडिकल कालेज के मेडिकल माइक्रोबायलोजिस्ट डा देवेश शर्मा एवं विजयपाल सिंह को भी रखा गया है। इन चारों को लैब संचालित करने का प्रशिक्षण भी दे दिया गया है तथा प्रयोगशाला के सुचारू रूप से संचालन के लिए मथुरा और बाहर के एक दर्जन अन्य लोगों को भी मथुरा में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रयोगशाला यूनिवर्सिटी के विकास की कड़ी में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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