जानिए क्या है किसानों की आगे की रणनीति

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नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन का आज 49 दिन है। जिस दौरान किसानों की 9 दौर की बैठक सरकार के साथ हो गई है लेकिन कोई परिणाम नही निकला जिस तहत सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करी गई सुनवाई के तहत सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए नए कानूनों के लागू होने पर रोक लगा दी लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि कानूनों को रद्ध किया जाए तथा साथ ही किसानों का कहना है कि कानूनों के रद्ध होने त​क अपनी मांगे पूरी न होने तक जारी प्रदर्शन में किसी प्रकार की कोई बाधा नही आएगी। जिस दौरान किसान अपने प्रदर्शन को जारी रखते हुए बुधवार को लोहड़ी के दिन नए कानूनों की कापी लोहड़ी को अग्नि में जलाएगें तथा प्रदर्शन को खत्म करने की बजाय प्रदर्शन में और तेजी लाएगें जिस तहत 26 जनवरी को होने वाली राजपथ पर ट्रैक्टर परेड की तैयारियां जोरो शोरो के साथ की जा रही हैआपको बता दे कि किसानों के प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसद हेमा मालिनी का कहना है कि यह प्रदर्शन किसान किसी के कहने पर कर रहे है क्योंकि प्रदर्शनकारी किसानों को भी नही पता कि लागू किए गए नए कानूनों मे क्या घाटा है और क्या फायदा है।

There can be a way out for talks in a day or two: Haryana CM on farmers'  stir | farmers protest

किसान नेता राकेश टिकैत और डॉ. दर्शनपाल सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों के लागू होने पर रोक लगा दी अदालत ने सरकार-किसान संगठनों के बीच विवाद निपटाने के लिए जिस कमेटी का गठन किया, लेकिन बनाई गई कमेटी के चारों सदस्य नए कृषि कानूनों के समर्थन में हैं।

कमेटी में भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवट हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कमेटी को 10 दिन में काम शुरू करने के आदेश दिए हैं।

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