एक व्यक्ति को छोड़, पूरा गांव कोरोना संक्रमित

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मनाली। उत्तरी भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश के लाहौल घाटी के थोरांग गांव से चिंताजनक सूचना सामने आई है, गाँव में एक व्यक्ति को छोड़ कर सभी लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए है। जिसके बाद पूरे गांव को कन्टेनमेंट जोन में तब्दील कर दिया गया है। आपको बता दे कि गाँव की कुल आबादी 42 है जिसमे से 41 लोगो का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। कोरोना को लेकर गाँव में दहशत का माहौल बन गया है। जनसंख्या अनुपात के मामले में लाहौल-स्पीति घाटी राज्य में सबसे अधिक प्रभावित होने वाला जिला बन गया है। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण कुछ दिन पहले एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक स्थान पर एकत्रित हुए थे। गाँव में सामुदायिक प्रसारण के लिए सामाजिक सभा को दोषी ठहराया जा रहा है। साथ ही थोरांग गांव के आसपास के इलाकों में भी बड़ी संख्या में लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए है।

लाहौल-स्पीति के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पालजोर ने बताया कि उनकी टीम निवासियों से खुद को जांचने के लिए आगे आने का अनुरोध कर रही है व लोगो की जल्द से जल्द जांच करने की तमाम कोशिश कर रही है। जिले में अब तक कुछ 856 लोगों का परीक्षण सकारात्मक निकला है। स्पीति गांवों में बड़े पैमाने पर संक्रमण का फैलना भी चिंता का विषय बन गया है। स्पीति के रंगरिक गांव में 28 अक्टूबर को 39 निवासियों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला और हुरलिंग में 19 लोगों का भी कोरोना परीक्षण पॉजिटिव पाया गया है।

परीक्षण के परिणाम मालूम पड़ने के बाद सभी सावधानिंया बरत रहे है जैसे हाथों को साफ करना, मास्क पहनना व सार्वजनिक क्षेत्रों में लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने पर हम खास तोर पर ध्यान देकर सभी प्रोटोकॉल मान रहे है। इस गंभीर परिस्थिति में कोरोना महामारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जैसा कि सर्दियों का मौसम शुरू हो रहा है, लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

पर्यटकों की आवाजाही पर लगा प्रतिबंधित
लाहौल घाटी में कोरोना मामलों में तेजी से आयी वृद्धि ने प्रशासक को झंझोर कर रख दिया है जिस कारण आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए सरकार मजबूर है रोहतांग टनल के उत्तर पोर्टल के पास तेलिंग नुल्लाह तक पर्यटकों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। लाहौल के गांवों में गुरुवार से पर्यटकों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, मनाली-लेह राजमार्ग के साथ थोरंग गांव में सिर्फ 42 निवासी हैं क्योंकि अधिकांश लोग सर्दियों के लिए कुल्लू चले गए हैं। गौरतलब है कि टनल के पार के गांवों को कंटेन्मेंट जोन में तब्दील कर दिया गया है। ग्रामीणों ने कुछ दिनों पहले से ही स्वेच्छा पूर्वक अपना परीक्षण करवाने का फैसला किया था।


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