‘नाग’ मिसाइल के सफल होने पर राजनाथ ने दी बधाई

'नाग' मिसाइल डीआरडीओ राजनाथ सिंह

'नाग' मिसाइल परीक्षण

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नई दिल्ली। भारतीय सेना ने तीसरी पीढ़ी की टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल ‘नाग’ का पोखरण फायरिंग रेंज में सफलतापूर्वक परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन विकसित मिसाइल का परिक्षण 7—8 जुलाई के बीच किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सफल समापन के लिए डीआरडीओ को बधाई दी।
‘नाग’ मिसाइल हर मौसम में दुश्मनों के पूरी तरह सुरक्षित टैंकों को न्यूनतम 500 मीटर और अधिकतर चार किलोमीटर की दूरी से भेदने का सामर्थ्य के साथ विकसित की गयी है। बता दे कि ग्रीष्मकालीन परीक्षण पूरा होने के साथ अब इस मिसाइल के उत्पादन और सेना में इसको शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है।।
मिसाइल का प्रक्षेपण नाग मिसाइल कैरियर से किया गया जिसमें छह मिसाइल ले जाने की क्षमता है। मिसाइल प्रणाली का शीतकालीन परीक्षण फरवरी में ही संपन्न हो चुका है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने परीक्षणों के बाद ‘नाग’ मिसाइलों के शामिल करने की जरूरत को स्वीकार्यता प्रदान की है।
थर्ड जेनरेशन गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल नाग का उत्पादन इस साल के अंत में शुरू हो जाएगा। अब तक इसका ट्रायल चल रहा था। साल 2018 में इस मिसाइल को सर्दियों में प्रयोग किया गया था। भारतीय सेना 8 हजार नाग मिसाइल खरीद सकती है जिसमें शुरुआती दौर में 500 मिसाइलों के आर्डर दिए जाने की संभावना है। नाग का निर्माण भारत में मिसाइल बनाने वाली अकेली सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड करेगी।

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