भारत में 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है? जानें…

14 November Children's day pandit javaharlal nehru

आखिर किसके उपलक्ष्य में बाल दिवस मनाना शुरु किया गया।

Spread the love

नई दिल्ली। देशभर मेें हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जो बच्चो के लिए अति महत्वपूर्ण है। आखिर किसके उपलक्ष्य में बाल दिवस मनाना शुरु किया गया। 14 नवंबर बाल दिवस के तथ्यों के बारे जानना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक तथ्यो को विस्तार पूर्ण अवगत करा रहे है।

बाल दिवस साल 1925 से मनाया जाने लगा था और 1953 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 20 नवंबर 1954 को बाल दिवस के रुप में मनाने की घोषणा की थी। अत: 14 नवंबर के दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन भी होता है, बहुत कम लोग जानते हैं कि बाल दिवस पहले 14 नवंबर को नहीं 20 नवंबर को मनाया जाता था। इस दिन को बच्चों के अधिकारों और उनकी शिक्षा के बारे में जागरुक करने के लिए मनाया जाता है। 14 नवंबर 1889 को ही भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्म हुआ था, जिन्हें प्यार से चाचा नेहरू भी कहा जाता था। चाचा नेहरू को बच्चों से काफी प्यार था।

27 मई 1964 को नेहरू का निधन हो गया था। फिर नेहरू के जन्मदिन को याद रखने के लिए 14 नवंबर बाल दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया गया। यह निर्णय नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखकर ही लिया गया था। सर्वसहमति से ये फैसला लिया गया कि जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के तौर पर माना जाए।

भारत में 14 नवंबर को खास तौर पर स्कूलों में तरह-तरह की मजेदार गतिविधियां, फैंसी ड्रेस कॉम्पटीशन, बच्चो के लिए कई प्रकार के उपहार देते है और मेलों का आयोजन होता है। बाल दिवस बच्चों को समर्पित भारत का एक राष्ट्रीय त्योहार है।

बाल दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में बच्चों की अच्छी परवरिश को बढ़ावा देना है। बच्चे हमारे देश का आने वाला भविष्य है तथा इस दिन बाल अधिकारों के प्रति लोगो को जागरुक किया जाता है। जिससे बच्चो का सही प्रकार से उन्हें शिक्षा, पोषण व संस्कार मिलें क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *