एक देश दो नाम क्यों? सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

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नई दिल्ली। चीफ जस्टिस की कोर्ट में आज सुनवाई होनी थी कि एक देश के दो नाम क्यों है? और देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत या हिन्दुस्तान रखा जाना चाहिए। लेकिन चीफ जस्टिस की बेंच आज नही बैठी इसलिए इस याचिका पर सुनवाई नही हो सकी। यह सुनवाई अब कल (3 जून) को होगी।

याचिकाकर्ता ने यह भी लिखा कि जब देश एक है तो देश का नाम दो क्यों है? संविधान के अनुच्छेद का जिक्र करते हुए कहा ​गया कि संविधान के अनुच्दे में लिखा हुआ है कि इंडिया यानि भारत जब कि भारत देश का नाम एक होना चाहिए है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में दावा किया गया है कि ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ शब्द हमारी राष्ट्रीयता के प्रति गौरव का भाव उत्पन्न करता हैं। इसलिए याचिका में सुप्रीम कोर्ट से सरकार को संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन के लिए उचित कदम उठाते हुए ‘इंडिया’ शब्द को हटाकर, देश को ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ कहने का निर्देश देने की मांग की गई है। यह अनुच्छेद इस गणराज्य के नाम से संबंधित है।

याचिका में कहा गया है कि संविधान में यह संशोधन इस देश के नागरिकों की औपनिवेशिक अतीत से मुक्ति सुनिश्चित करेगा। याचिका में 1948 में संविधान सभा में संविधान के तत्कालीन मसौदे के अनुच्छेद एक पर हुई चर्चा का हवाला दिया गया है जिसमें उस समय देश का नाम ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ रखने की पुरजोर हिमायत की गई थी। याचिका में कहा गया है कि अंग्रेजी नाम बदलना सांकेतिक लगता हो लेकिन इसे भारत शब्द से बदलना हमारे पूर्वजों के स्वतंत्रता संग्राम को न्यायोचित ठहराएगा, यह उचित समय है कि देश को उसके मूल और प्रमाणिक नाम ‘भारत’ से जाना जाए।

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