यूपी में गुंडाराज, महिलाओं की हालत बद से बदतर

Uttar Pradesh समाजवादी पार्टी

यूपी में गुंडाराज

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश भारत की जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। जिसमें कोई ना कोई अपराध होता ही रहता है और सबसे ज्यादा हालात खराब उत्तर प्रदेश के नेताओं के है। चाहे वह किसी भी राजनैतिक पार्टी के क्यों ना हो। लेकिन उनकी सोच और मानसिकता ही खराब हो गई है। ऐसा कहना कतई गलत नहीं होगा यह समाजवादी पार्टी के आजम खान हो या प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शिवपाल, अमर सिंह, गायत्री प्रजापति, मायावती या स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा के योगी हो या सुरेश कुमार खन्ना, पप्पू भरतौल, कुलदीप सैगर, श्याम बिहारी अथवा वीर विक्रम सिंह प्रिंस चाहे वे विधायक या मंत्री सांसद हो मुख्यमंत्री अथवा प्रशासनिक अधिकारी तक सभी भ्रष्ट है।


मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हो तो सभी संलिप्त पाए जाते हैं, स्कूल, कॉलेज, मानसिक उत्पीड़न, भड़काऊ भाषण एवं बहू बेटियों के सम्मान को ठेस पहुंचाना इज्जत लूटना या फिर खुद भाग जाना एवं रोड लाइट अथवा विकास निधि घोटाला सब में ही संलिप्त है। इन्हें जो करना है वह करना है चाहे गलत हो या सही किसी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। तो प्रशासनिक अधिकारी भी उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने में कतई नहीं चुकते है।

कारण है कि साहब आका ही भ्रष्टाचारी हैं तो इन्हें भी करना पड़ेगा। वो इसलिए क्योंकि करेंगे नहीं तो आका ट्रांसफर पर ट्रांसफर करा के जीने नहीं देंगे। इसलिए मजबूरी है लेकिन अगर भ्रष्टाचार करते हैं तो कसर यह भी नहीं छोड़ते मामला फंसता तो है। साहब वो इसलिए कि जब एक दिशा में वायु नही भय सकती है। तो इससे तात्पर्य है कि जब वायु दिशा बदलती है। आपकी भी दिशा और दशा में परिवर्तन आना अनिवार्य है।

क्योंकि यह ही सच्चा प्राकृतिक नियम है अब हम आपको वर्तमान प्रदेश के मुखिया योगी के बारे में बताएं साहब इतिहास में एक ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं। जिन पर लगे मुकदमे को उन्होंने खुद वापस लिया है भारत के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ है। जो किसी मुख्यमंत्री ने अपने आप स्वयं के मुकदमे वापस लिए हो, मुकदमें भी ऐसे नहीं जो अति गंभीर ना हो किसी में दंगा भड़काने का आरोप तो भावनाओं को ठेस पहुंचाने का एवं अन्य कई धाराओं में संलिप्त थे। तो दूसरी ओर उनके सहयोगी खन्ना साफ छवि के नेता जरूर है, लेकिन ऊपर से बड़े भ्रष्टाचारी हैं।

अपनी आड़ में अपने चमच्चों को क्रय केंद्र दिलवा कर घोटाले पर घोटाला कराके अपना हिस्सा हड़प रहे हैं, तो इनके विधायक कम नहीं है वह रोड के विकास तो लाइट एवं क्रय केंद्रो में पूरा हिस्सा ले रहे हैं, तो कुछ लड़कियों से बलात्कार कर रहे हैं जैसे कि कुलदीप सैगर बड़ी चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक तरफ बलात्कार के आरोपी हैं तो दूसरी तरफ साजिश पर साजिश रच रहे हैं। महिलाओं के सम्मान में साहब एक सौ एक कदम आगे जा रहे हैं।

भाजपा के उत्तर प्रदेश में दूसरे विधायक पप्पू भरतौल इतना महिलाओं का सम्मान करते हैं कि उनकी बेटी भाग जाती है तो जान से मरवाने के लिए गुंडों पर गुंडे भेज देते हैं। तो वहीं तीसरे विधायक अपने ही समान पद वाले तरफ विधायक की लड़की भगवाने में सहायता प्रदान करते हैं। शासन प्रशासन भी अच्छा है सपा के नेताओं की बात करें तो आजम तो मुग़ल-ए-आज़म हो रहे हैं। उन्हें फरमान सुनाना है भले गलत हो या सही जरूरत लगी तो माफी भी मांग लेते हैं। तो तीसरे गायत्री प्रजापति घोटाला ही घोटाला रोटी मिले चाहे जेल में या रेल में। इन्हें खनन करना है, चाहे अधिकारियों को धमकाने की बात हो इनकी सेहत पर कोई फर्क नही पड़ता।

क्योंकि सुविधा उत्तर प्रदेश की सभी जेलों में वीआईपी मिलती है। पद तथा रोग के हिसाब से लेकिन शिवपाल भी बंदर वाली प्रगति कर रहे हैं। तो चाचा डाल-डाल तो भतीजा पाद पाद, बड़ी ही इज्जत बेज्जती हो रही है, तो कोई तमन्ना नहीं साहब तो वही बुआ जी का हाल बहुत खराब है, कहीं हथोड़ा मूर्ति पर तो कहीं हाथी पर, लेकिन दोनों ही खाते ज्यादा है, इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ता। बात यहां पर नहीं रुकती, खुद करते हैं भ्रष्टाचार तो सही है अन्यथा दूसरा करें तो गलत, ऐसा शासन और प्रशासन हो तो जनता की स्थिति का अंदाजा खूब लगाया जा सकता है।

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