केन्द्र से बजट में आदिवासी उपयोजना को जारी रखने का अनुरोध: कमलनाथ

मध्यप्रदेश कमलनाथ केन्द्र सरकार

आदिवासी उपयोजना

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केन्द्र सरकार से बजट में आदिवासी उपयोजना की पूर्व व्यवस्था को जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर केन्द्र सरकार ने यह व्यवस्था नहीं की तो राज्य सरकार बजट में आदिवासी उपयोजना का प्रावधान करेगी। कमलनाथ ने आज यह बात विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए अगले 10 वर्ष तक आरक्षण सुविधा बरकरार रखने के लिए संसद द्वारा पारित संविधान 126वें संशोधन अधिनियम 2019 के अनुसमर्थन में विधानसभा में रखे गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में उपयोजना का प्रावधान आज भी जरूरी है। इस प्रावधान के समाप्त होने से आदिवासी वर्ग के उन्नति के प्रयास प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसे अवसर आते हैं जब संसद या विधानसभाओं में किसी मुद्दे पर सर्वसम्मति की स्थिति बनती है।

कमलनाथ ने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सर्वांगीण विकास और समाज में उन्हें बराबरी पर लाने के लिए जो आरक्षण व्यवस्था की थी उसकी आज भी आवश्यकता है, यही कारण है कि संसद में आरक्षण व्यवस्था को अगले 10 वर्ष तक निरंतर जारी रखने के लिए संविधान 126वें संशोधन विधेयक 2019 को सर्वसम्मति से पारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा संसद के द्वारा पारित इस विधेयक का सर्वसम्मति से अनुसमर्थन करे।

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