आम आदमी पार्टी से बढती विधायकों की बगावत क्यों?

आम आदमी पार्टी बगावत ऐतिहासिक जीत

विधायकों की बगावत

Spread the love

दिल्ली अप—टु—डेट
हम बात कर रहे हैं सत्ताधारी पार्टी की जो देश की राजधानी दिल्ली में सत्ता पर काबिज हुई थी इस पार्टी का जन्म कब हुआ था जब देश में समाजसेवी अन्ना हजारे का आंदोलन अपने चरम पर था। उसी वक्त उस आंदोलन की चिंगारी से आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ और विस्तार बढा इसके संयोजक अरविंद केजरीवाल है।

इन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली और कांग्रेस मुक्त दिल्ली की लड़ाई में लोगों को अपने साथ जोड़ने का सफल प्रयास किया। आम आदमी पार्टी बनाई गई और चुनाव लडा सरकार 49 दिन की बनी और फिर दिल्ली में दोबारा चुनाव हुए फिर इस पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 67 विधानसभा सीटें जीतकर दिल्ली में अपनी सरकार बनाई किंतु इतनी बड़ी जीत के बाद आम आदमी पार्टी का जादू कहीं ना कहीं दिल्लीवासियों के सर से उतरने लगा है।

मजे की बात तो यह है कि आम आदमी पार्टी के विधायक अब उसके प्रति बागी स्वर अपना रहे हैं। इसके पीछे क्या कारण है। घर के ही सदस्य आपस में मतभेद बनाए हुए हैं। जहां एक तरफ आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल के सहयोगी कुमार विश्वास ने इस पार्टी से किनारा कर लिया है वहीं दूसरे तरफ इसके संस्थापक सदस्यों में से एक शशि भूषण और शांति भूषण के साथ—साथ ही जैसे साजिया इल्मी आशुतोष कपिल मिश्रा देवेंद्र यादव जो आज आम आदमी पार्टी से अपना रास्ता अलग बनाये हुए है।

कही न कही आम आदमी पार्टी अपने मुद्दे से भटक रही हैं। इसीलिए इन सभी लोगों ने अरविंद केजरीवाल से बगाबत श़रू की ऐसा माना जा रहा है। इधर पार्टी के विधायक भी बागी होते जा रहे है। आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल आने वाले विधानसभा चुनाव मे पार्टी के आधे से ज्यादा विधायकों का टिकट काट सकते है। इसकी चर्चा भी जोरो पर है। इससे यह कहना भी गलत नहीं होगा कि आप के संयोजक केजरीवाल ने पहले जैसे बिना विचार विमर्श किए ही टिकट बांट दिए थे। तो उनका वह सिर्फ भावनात्मक रूप ही था। तत्पश्चात उनकी राजनैतिक परिपक्वता की कमी भी कहा जा सकता है।

अभी आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लाम्बा का मामला सुर्खियों में चल रहा है। जहाँ वह अपनी ही सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ बागी तेवर अपनाए हुए हैं। अल्का लाम्बा चांदनी चौक विधानसभा से विधायक हैं। और विधानसभा मे प्रश्न पहर के समय कुछ प्रश्न कर रही थी जो जनता की समस्याऔ से सम्बन्धित थे और उनके प्रश्न का जबाब देते हुए स्वास्थ मत्री ने जांच की बात कहीं।

उन्होने और कई मुद्दे उठाए जिसमे मुफत दवा मुफत जांच और कहा इसके बाद भी आम जन मानस के लोग प्रावेट दवाई खरीद रहे है? इस पर उन्हे चुप करा दिया गया। और तो और विधान सभा स्पीकर ने इन पर राजनीति करने का आरोप लगातम हुए चुप रहने की बात कही उधर जीवी पंत अस्पताल की चेयर पर्सन आप विधयक सरिता सिहं नम भी खरी खोटी सुनाई। जिस पर अलका लाम्बा का विधान सभा के बाहर दु:ख छलका और उन्होने मीडिया मे ब्यान देते हंए कहा कि आम बादमी पाट्री की सरकार सिर्फ विज्ञापन वाली सरकार है। दिल्ली की जनता अपने आन को ठगा महसूस कर रही है। कहा कि जनता को अब आम आदमी पाट्री की सरकार पर भरोसा नही रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *