64वें महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

64th Mahaparinirvana Day

डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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नयी दिल्ली। भीमराव रामजी अंबेडकर, जिन्हें बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे जिन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों का समर्थन करते हुए अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अभियान चलाया। संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 64वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कृतज्ञ राष्ट्र ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

संसद भवन के प्रांगण में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमाेहन सिंह सहित विभिन्न नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत और इसी विभाग के राज्य मंत्री रामदास अठावले भी मौजूद थे।

उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाबासाहब लोकतंत्र के पुरोधा और कट्टर देशभक्त, राष्ट्रवादी और मानवतावादी थे जिनके लिए गरीबों एवं दलितों का उत्थान विकास की पूर्वशर्त थी। उन्होंंने सभी नागरिकों की गरिमा, एकता एवं स्वतंत्रता की पैरोकारी की और वंचितों के अधिकारों के लिए अथक अभियान चलाया। हमें उनके दृष्टिकोण एवं बुद्धिमत्ता से प्रेरणा लेना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “सामाजिक न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले पूज्य बाबासाहेब को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने संविधान के रूप में देश को अद्वितीय सौगात दी, जो हमारे लोकतंत्र का आधारस्तंभ है। कृतज्ञ राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा।”

लाेकसभा अध्यक्ष श्री बिरला ने कहा, “संविधान के शिल्पकार, प्रख्यात लेखक, विधिवेत्ता, गहन शोधकर्ता और महान शिक्षाविद् भारत रत्न बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। बाबा साहब का जीवन हमको परिश्रम और कर्मठता से समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।”

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