शास्त्री नगर है राजनीति का अखाड़ा

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एक बार फिर बंद हुआ शास्त्री नगर-सुभद्रा कॉलोनी भूमिगत मार्ग

नई दिल्ली। 60 के दशक में स्थापित हुआ शास्त्री नगर शुरू से ही राजनीतिक अखाड़े के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाता आ रहा है। चाहे चांदनी चौक के संसदीय चुनाव हो या सदर बाजार के विधानसभा चुनाव, शास्त्री नगर हमेशा ही एक अहम भूमिका निभाता रहा है। आपको बता दें कि शास्त्री नगर 70 के दशक में अपने वजूद को कायम करने के लिए कई प्रकार की कठिनाइयां झेल चुका था, यहां तक कि एक बार शास्त्री नगर पर बुलडोजर चलने की नौबत तक आ गई थी मगर उस समय क्षेत्रवासियों ने इसे पुरजोर से बसाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी।

वहीं आज यह नगर जुराब और होजरी मार्केट बनने के कारण एशिया की बड़ी मंडी के रूप में उभर रहा है, वही इसकी बढ़ती हुई व्यापारिक गतिविधियों की वजह से यहां के दामों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण शास्त्री नगर के दोनों छोरों पर मेट्रो स्टेशन का होना और इस क्षेत्र के चारों और आवागमन के लिए 200 फुटें रोड का निर्माण ।

आज हम आपको शास्त्री नगर से जुड़े कुछ रोचक बातों से रूबारू करवाते है। शास्त्री नगर 60 के दशक में बसना शुरू हुआ था और तब से लेकर अब तक क्षेत्र के तीन मार्ग मुख्य थे। आपको बता दे कि जहां आज शास्त्री नगर का पजांब नेशनल बैंक है वहां कुछ साल पहले नहर गुजरा करती थी और नहर पर एक लकड़ी का पुल होता था जो यह मार्ग शास्त्री नगर के अंदर एल ब्लॉक से लेकर सुभद्रा कॉलोनी पारकर ओल्ड रोहतक रोड तक जाता था, जहां उषा माता मंदिर आज भी है।

इसके इलावा दूसरा मार्ग आज जहां शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन है, वहां से मेन मार्केट वाला रोड सराय रोहिल्ला चौक पर मिलता था जो आगे प्रताप नगर तक नहर के साथ-साथ चलता था व तीसरा मार्ग भारत नगर नाले के साथ-साथ निकलकर शिव मंदिर से निकलता था, जहां आज गैस सिलिंडर एजेंसी का गोदाम है। प्रत्यक्ष रूप से केवल एक ही मार्ग जो सीधा सुभद्रा कॉलोनी और शास्त्री नगर को जोड़ता था।

शास्त्री नगर-सुभद्रा कॉलोनी के स्थानीय लोगों की कठिनाई को कम करने के लिए 2009 को इस सबवे को टू व्हीलर और साइकिल के लिए खोलने के वादे के चलते कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेश जैन ने सदर बाजार विधानसभा से सीट से चुनाव को जीता था। लेकिन एक बार फिर वह 31 जुलाई 2020 को बंद कर दिया गया है। यह था सबसे पुराना और सीधा मार्ग शास्त्री नगर के अवागमन का।

सदर विधानसभा से नव निर्वाचित आम आदमी पार्टी के विधायक ने इसे 2015 को इस सबवे को एक बार फिर खोल दिया था। लेकिन चल रहे कोरोना काल ने सबवे पर भी असर दिखाया है और और इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों को राजनीति करने का मौका एक बार फिर दे दिया। हमने शास्त्री नगर-सुभद्रा कॉलोनी सबवे के बंद होने को लेकर सदर विधानसभा के विधायक सोमदत्त से बातचीत की तो उन्होने बताया कि उन्हें इस कार्यवाही के होने के बाबत कुछ नहीं पता था और जब उन्होने इस के बारे में संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त की तो यह सामने आया कि किसी संस्था की शिकायत के आधार पर यह कार्यवाही उपराज्यपाल के ओदश पर हुआ है।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वह सबवे को खोलने को लेकर संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे ताकि इसे लोगों के लिए एक बार फिर खोला जाए। इस सबवे के बंद होने के बाद अब स्थानीय जनता के पास अब एक मार्ग ही रह गया है, साई बाबा मंदिर वाली लाल बत्ती से यू टर्न लेकर वापस शास्त्री नगर में प्रवेश करना पड़ रहा है, इसके अलावा सराय रोहिल्ला चौंक से शास्त्री नगर मेट्रों स्टेशन तक सर्विस लाईन पर विपरित्त दिशा (wrong side) में आना पड़ रहा है। जिसके चलते दुर्घटनाओं की संभावना बहुत अधिक हो गई है। अब देखने की बात यह है कि यह सबवे कब खोला जाएगा और लोगों को कब तक इस परेशानी से गुजरना पड़ता है।

Shastri Nagar- Subhadra Colony subway once again become victim of politics


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