जानिए 6 में से कौन वो तीन जिनके टुकड़े-टुकड़े होने पर नही होती मृत्यु

टुकड़े-टुकड़े अजर-अमर प्लैनटिपन फ्लैटवर्म

जीव कट के भी रहते है जीवित

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यह तीन जीव कट के भी रहते है जीवित?

दिल्ली अप—टु—डेट

देश भारत के अंदर ही अनेक प्रकार की परंपरायें पायी जाती है। जो कुछ अनसुनी कुछ फसाना और सत्य भी है। देश के अंदर सबूत को पेश करने के लिए कई ऐसी धरोहर इमारत, अस्त्र, शस्त्र, नर कंकाल, मन्दिर, तालाब, महल, और तोफे तक है। लेकिन बात वह नही है कि क्या सत्य है क्या असत्य है। बात आश्यर्च की है कि क्या ऐसी भी हो सकती है। अगर हुआ नही है तो यह सामग्री कहां से प्राप्त हुई है। वेद, पुराण व धार्मिक पुस्तके तो वरदान श्राप व पुनर्जन्म की भी अनसुनी कहानी बताती व दर्शाती है।

लेकिन 21 वीं सदी का आधुनिक विज्ञान इन पर भरोसा नही करता है। जहां तक देखा गया है कि पुराणो में अजर-अमर तक का जिक्र आता है कि व्यक्ति की कभी मृत्यु नही होगी। वह अजर-अमर है यदि मनुष्य अजर-अमर बन जाए तो बहुत कुछ हो सकता है। जिसकी कल्पना तक नही की जा सकती है। फिर तो वह किसी भी अस्त्र-शस्त्र से भी मारा नही जा सकता है।

जहां तक जानकारी में आया है तो देखा गया कि विज्ञान अमरता प्राप्त करने के बारे में खोज कर रहा है। उसका क्या परिणाम रहता है, कहा नही जा सकता है। परंतु संसार में ऐसे भी प्राणी है जीव है जन्तु है जो पहले से ही अमर है। आज आपको ऐसे ही 6 प्राणियों के बारो में जानकारी विस्तारपूर्वक देते है। जिनके नाम कुछ इस प्रकार है प्लैनटिपन फ्लैटवर्म यह ऐसा प्राणी है जो अजर अमर है।

आप चाहे इसके एक से लेकर 200 टुकड़े कर दो लेकिन हर टुकड़ा पुनः एक जीव बन जायेगा और हैरानी तो तब होती है इसके दिमाग और नर्वस सिस्टम को भी कई टुकड़ो में काट दिया जाए और फिर से यह जब पैदा होने लगेगा। कुछ दिनों में पहले की तरह एक विकसित दिमाग और नर्वस सिस्टम इसके अंदर होता है वो नम्बर दो पर आता है। हीड्रा या इसके आप बहुत सिरो वाला सांप या जलव्दाल समझ सकते है।

इसकी भी कभी प्राकृतिक मृत्यु नही होती है। हाइड्रा भी अपने शरीर को कई खण्डो में विभाजित कर प्रत्येक खण्ड से ग्रोथ कर नया हाइड्रा तैयार हो जाता है। दिखने में यह आक्टोपस जैसा लगेगा तो तीसरी जेलिफिश है। यह अपने ही सेल्स को बदल कर पुनः युवा अवस्था में पहुंच जाती है। यह चक्र सदैव ही चलता रहता है। क्योंकि यही कारण तो अजर अमर कहलाता है। फिर बारी चौथे नम्बर या टार्डीग्रेड की आती है। इसका निवास पानी के अंदर होता है। इसके आठ पैर 4 मी0 लम्बा

यह जीव 30 वर्ष तक बिना कुछ खाए पीए जीवित रह सकता है। इसमें अंतरिक्ष के व्योम में भी जिंदा रहने की योग्यता है। इसका स्पष्टी करण है कि यह किसी भी वातावरण में जीवित रह सकता है। टार्डीग्रेड माइनस 272 डीग्री में बिना किसी परेशानी के रह सकता है और लगभग 150 डीग्री की गर्मी में भी यह पृथ्वी पर पर्वतो से लेकर महासागरो तक और वर्षा वनो से लेकर अंटार्कटिका तक लगभग हर जगह जीवित रह सकता है। पांचवी बारी अरलस्कन वुड फ्रांग की आती है। यह मेढ़क है जो अजर अमर है। 200सी डिग्री से 80 डिग्री बर्फ में जम जाता है।

एक तरीके से इसकी सीधी मृत्यु हो जाती है और जब मौसम परिवर्तन होता है और इसमें फिर से करंट दौड़ने लगता है। इसे फ्रोजन फ्रांर्ग भी कहा जाता है। लंग फिश यह भी पांच साल बिना खाए पीये जीवित सकती है। यह मछली सूखा पड़ने पर खुद को दफन कर लेती है और अपने शरीर के मेटा वोल्जिम 60 गुना कम कर लेती है। उपरोक्त में से सच में तीन जीव ऐसे है जो सच में अजर अमर है। यह शोध है और बल्कि जीवांत उधारण भी है।

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