कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते चीन ने फिर लगाया लॉकडाउन, कुछ देशों की हालत बनी हुई है नाजुक

Spread the love

वॉशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले और संक्रमण से संबंधित मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता रहा है, जो वर्तमान समय में एक वैश्विक मुद्दा बन गया है। कुछ देश हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने में सक्षम रहे हैं और लोग ऐसे राष्ट्रों के प्रयासों और नेतृत्व गुणों की सराहना कर रहे है। जबकि दुनिया में अभी भी चिंताजनक स्थिति बनी हुई है क्योकि संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। आपको बता दे कि कोविड -19 से अबतक 4 लाख 28 हजार 210 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों का आंकड़ा 77 लाख 31 हजार 673 हो गया है, वहीं अब तक 39 लाख 25 हजार 273 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

चीन में फिर से कोरोना के नए मामले सामने आए है जिसके चलते चीनी सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश के कुछ हिस्सों में तालाबंदी लगा दी है। राजधानी बीजिंग के कुछ हिस्सों में शनिवार सुबह लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। शुक्रवार को यहां के दो बड़े बाजारों को बंद कर दिया गया था। कोरोना वायरस के मामलों के तेजी से बढ़ने के कारण दक्षिण अमेरिकी देश ब्राज़ील की हालत भी पिछले कुछ दिनों से बिगड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राजील में शुक्रवार रात मरने वालों का आंकड़ा 41 हजार 901 हो गया। इसके साथ ही मौतों के मामले ब्राजील ब्रिटेन से आगे निकल गया। ब्रिटेन में इसी दौरान मरने वालों की संख्या 41 हजार 481 रही। कई दिन तक आंकड़े छिपाने के बाद अब ब्राजील सरकार ने अपडेट देना शुरू किया है।

फ्रांस में वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 जून से कुछ यात्रा प्रतिबंध हटाने जा रही है। जानकारी के अनुसार फ्रांस से यूरोपीय यूनियन से आवाजाही अब हो सकेगी। फ्रांस के एक ट्रेनिंग सेंटर में क्लास अटेंड करते स्टूडेंट्स। करीब तीन महीने बाद फ्रांस 15 जून से यूरोप के कुछ देशों के लिए अपनी सीमाएं खोलने जा रहा है। कोरोना वायरस से दुनिया का सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका में संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा एक लाख 14 हजार से ज्यादा हो गया है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, शुक्रवार को यहां 9618 मामले सामने आए। इसी दौरान 308 लोगों की मौत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों की वजह से अमेरिका में संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ा है। हालांकि, सरकार की तरफ से अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *