कोरोना वायरस है इन घातक वायरस से 3 गुना ज्यादा खतरनाक

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वाॅशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की न केवल संख्या में वृद्धि हुई है, बल्कि संक्रमण के कारण होने वाली मौतों में भी भारी इजाफा हुआ है। नोवल कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानने के लिए वैज्ञानिक जबरदस्त शोध कर रहे हैं। आपको बता दे कि अमेरिका की कार्नेल यूनिवर्सिटी में वायरोलॉजी के प्रोफेसर गैरी व्हिटेकर के मुताबिक कारोना वायरस केमिस्ट्री और बायोलॉजी के बीच की कड़ी है। यही कारण है कि अभी तक इसका इलाज नहीं खोजा जा सका। वाइरस में प्रजनन और मेटाबॉलिज्म जैसे लक्षण नहीं है, लेकिन जैसे ही यह हमारे शरीर में आता है, अपने जैसे लाखों वायरस बनाने के लिए हमारी कोशिकाएं हाईजैक कर लेता है।

इसकी विशेषता यह है कि इसके लक्षण सार्स और मर्स की तुलना में बहुत देर से दिखते हैं। लोगों को जब तक संक्रमित होने का पता चलता है, तब तक वे दूसरों तक संक्रमण फैला चुके होते हैं। कोरोना वायरस आकार में डेंगू, वेस्ट नाइल और जीका फैलाने वाले वायरसों से तीन गुना बड़ा और खतरनाक है। टेक्सस मेडिकल ब्रांच के वायरोलॉजिस्ट विनीत मैनचेरी ने एक उदाहरण से इसे समझाया। उनके मुताबिक, अगर डेंगू के पास शरीर पर हमला करने के लिए एक हथौड़ा है तो कोरोना के पास अलग-अलग आकार के तीन हथौड़े हैं। यह हालात बदलने पर अपनी प्रकृति बदलकर हमला करता है।

यह वायरस सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस से बिल्कुल अलग है। आमतौर पर ये वायरस शरीर में एक समय पर एक जगह हमला करते हैं। अगर ये गले और नाक पर हमला करते हैं तो वहीं तक रहते हैं और खांसी और छींक के माध्यम से दूसरों तक संक्रमण फैलाते हैं। कुछ वायरस फेफड़ों पर हमला करते हैं। जहां वे संक्रमण तो नहीं फैलाते, लेकिन जानलेवा बन जाते हैं। कोरोनावायरस दोनों जगह एक साथ हमला करता है। यह गले और नाक के माध्यम से संक्रमण भी फैलाता है और फेफड़े में कोशिकाओं को मारकर जान भी ले लेता है। कोरोनावायरस का आकार हमारी पलक की चौड़ाई के एक हजारवें भाग के बराबर है।

कुछ वायरोलॉजिस्ट का मानना है कि कोरोनावायरस वास्तव में हमें मारना नहीं चाहता। अगर शरीर स्वस्थ रहता है तो यह उनके लिए फायदेमंद होता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि कि हजारों लोगों की जान लेने वाला कोरोनावायरस अपने शुरुआती चरण में है। जब यह किसी शरीर में आता है तो अपनी संख्या को बेतहाशा बढ़ाता है। इसकी वजह से मरीज की मौत हो जाती है। ये वायरस के लिए भी नुकसानदायक होता है। लेकिन, समय के साथ यह बदल जाएगा। भविष्य में यह सामान्य वायरस में बदल जाएगा जो सिर्फ खांसने, छींकने तक ही सीमित रहेगा।

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