गहलोत ने भाजपा पर हॉर्स टेडिंग का आरोप लगाया, राज्यसभा चुनाव कराने में जानबूझकर की गई देरी

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जयपुर। राज्यसभा चुनाव में सिर्फ एक हफ्ते का समय रह गया है और देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में राजनीतिक उथल-पुथल खूब तेजी से चल रही है। शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव कराने में जानबूझकर के देरी की है, जिससे भाजपा हॉर्स टेडिंग कर सके और विधायकों की खरीद फरोख्त कर सके।’ गौरतलब है कि देशभर में राज्यसभा की 18 सीटों के लिए 19 जून को चुनाव होने हैं। राजस्थान में तीन सीटों पर चुनाव होगा।

गहलोत ने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। कौन दर्द बांट रहा है, कौन दवा बांट रहा है। यह फैसला करना होगा। कोरोना के बावजूद मध्यप्रदेश में सरकार बदली गई। मोदी जी कहते हैं कि कांग्रेस मुक्त बनाएंगे। कांग्रेस देश के डीएनए में है। जाति और धर्म के नाम पर कब तक लड़ाओगे जनता को। वहीं उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत होगी। आंकड़े दिखाते हैं कि हमारे निर्दलीय साथी हमारे साथ खड़े हैं। राज्यसभा में हमारे दोनों उम्मीदवार जीतेंगे। सभी विधायक हमारे साथ हैं और आगे भी रहेंगे। लॉकडाउन की वजह से हम तीन महीने में नहीं मिल पाए थे। इसलिए इस होटल में मीटिंग बुलाई गई। राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें दो कांग्रेस और दो भाजपा के हैं। कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी और भाजपा ने राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह को मैदान में उतारा है।

संख्याबल के हिसाब से भाजपा के पास सिर्फ एक प्रत्याशी को जिताने का बहुमत है, लेकिन दो प्रत्याशी उतार दिए। हर प्रत्याशी को जीतने के लिए कम से कम 51 वोट चाहिए। कांग्रेस को दोनों उम्मीदवारों को जिताने के लिए 102 वोटों की जरूरत है जो आसानी से जीतते दिख रहे हैं। कांग्रेस के साथ 13 निर्दलीय, लेफ्ट, बीटीपी के दो-दो और एक आरएलडी विधायक हैं। भाजपा के पास खुद के 72 विधायकों के अलावा तीन वोट आरएलपी के हैं। कांग्रेस ने टूट के डर से सभी विधायकों को तीन दिन से यहां के रिजॉर्ट में रखा है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने पुलिस को पत्र लिखकर शिकायत की है कि कर्नाटक, गुजरात और मप्र की तरह राजस्थान में भी चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को 25 करोड़ रु. तक ऑफर दिए जा रहे हैं।

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