कहर नींद का?

कहर नींद का?

बात करते-करते नींद या गंभीर रोग।

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बात करते-करते नींद या गंभीर रोग।

दिल्ली अप-टु-डेट

आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल में जहां लोगों से उनकी नींद छीन ली है। वहीं लोगों में इतनी व्यस्तता है कि ना वह सो सकते हैं ना ही चैन से खा सकते हैं। हर समय दौड़-धूप में लगे रहते हैं। एक पल आराम करने का मुश्किल से निकलता है जितनी सुविधाएं बढ़ी हैं उतनी ही ज्यादा व्यस्तता बढ़ी है। हर व्यक्ति बहुत ही व्यस्त है। सुविधाओं की सुस्जता ने व्यक्ति के जीवन को इतना व्यस्त कर दिया है कि उसे राहत ढूंढनी पड़ रही है।

अब बात करें पूर्व मे बीते हुए समय की तो आज की तुलना में उस समय इतने संसाधन भी नहीं थे और व्यक्ति के पास अच्छा खासा समय था। वह इतनी दौड़ धूप में भी नहीं रहता था और जहां कहीं उसे घूमने जाना होता था इसके लिए उसके पास पर्याप्त मात्रा में समय होता था। बुजुर्ग बताते हैं कि वह उस समय आने-जाने के संसाधनों में सिर्फ बैलगाड़ी या भैंसागाड़ी प्रयोग में लाते थे।

जो आसानी से उपलब्ध हो जाती थी और सभी व्यक्ति महीनों यात्रा में व्यतीत कर देते थे घूम घूम कर सुख सुविधाएं प्राप्त करने के साथ अनेक प्रकार के ज्ञान भी अर्जित करते थे इस तरह उनकी तीर्थ यात्राओं में भी महीनों का समय लग जाता था और प्रत्येक प्रकार के सुखों का वह आनंद प्राप्त करते थे। इस प्रकार समय के साथ उनका रहन-सहन पूर्ण आनंदित था और वह भरपूर मात्रा में नींद लेते थे और हष्ट पुष्ट रहते थे। लेकिन समय की करवट ने एक तरीके से सब कुछ बदल दिया है। सभी काम जल्दबाजी में चल रहे हैं।

मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं के बावजूद भी समाज के लोगों में दौड़ धूप इतनी बढ़ गई है। किसी को भी बात करने का समय नहीं है और आज के समय में हर व्यक्ति चाहे वह निम्न वर्ग या किसी भी स्थिति से ताल्लुक रखता हो। वह 12 से 15 घंटे काम करता है। जिसका जैसा व्यापार बिजनेस है उस हिसाब से हल्का या कठिन परिश्रम करता है। इसके उपरांत भी उसे चैन की नींद व पूर्ण सुख की प्राप्ति नहीं होती है। सभी किसी न किसी समस्या से पीड़ित हैं। आखिर इतनी मेहनत के बाद भी दुख ही दुख है तो सुख का मार्ग क्या है और जब तक व्यक्ति को पूर्ण सुख शक्ति प्राप्त नहीं होती है।

तब तक वह चैन से सो नहीं सकता है तो कोई नींद को लेकर परेशान है। कुछ नींद ना आने से परेशान है। तमाम तरह की औषधियां इस्तेमाल कर नींद लेता है तो वहीं इसी संसार के 1 देश का एक गांव है जहां सभी नींद से परेशान है। वहां व्यक्ति बात करते-करते ,काम करते-करते यानी जिस स्थिति में होते हैं उसी स्थिति में उन्हें अचानक नींद आ जाती है। अगर सड़कों पर चल रहे हैं तो अचानक नींद के आगोश में चले जाते हैं। सभी के जहन में यह उपरोक्त लाइने प्रश्न खड़ा करती कि आखिर ऐसा कैसे संभव हो सकता है अचानक चलते चलते किसी को नींद आ सकती है क्या? उधर पूरे विश्व के अनेकों देशों में तो लोग नींद की गोलियां सोने के लिए इस्तेमाल करते हैं तो उन लोगों के लिए जरूर यह हैरान करने वाली बात होगी!

जी हां यह बिल्कुल सत्य है कि यहां के लोग किसी भी स्थिति में सो जाते हैं। अब सभी को इस जगह व देश के नाम को जानने की उत्सुकता तो होगी। इस देश का नाम कजाकिस्तान है यहां के एक गांव कलांची में लोग कभी भी सो सकते हैं। यहां तक कि लोगों की नींद का आलम यह है कि वह कभी भी सो जाते हैं और तो और सोने के बाद कभी-कभी तो महीनों जागते भी नहीं है। जब सोकर उठते हैं तो उन्हें कुछ भी याद नहीं रहता है और यह सब सोकर जागने के बाद अजीबोगरीब हरकतें शुरू कर देते हैं।

यह सब इस बार ही नहीं बल्कि वर्ष 2010 में पहली बार भी हुआ था उस समय यहां के कुछ बच्चे अचानक स्कूल में गिर गए थे और सोने लगे थे इसके बाद इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होता चला गया। और तभी से वैज्ञानिक इस गांव पर रिसर्च कर रहे हैं। हालांकि अभी तक वैज्ञानिक व डॉक्टर्स इस रहस्यमई बिमारी का कुछ भी पता नहीं लगा सके हैं।

वहीं अगर वहां के निवासी जनों की बात पर गौर किया जाए तो वह बताते हैं कि अचानक नींद आने के पीछे एक वजह यूरेनियम माइन्स है। यूरेनियम से निकली गैस इन व्यक्तियों के शरीर पर प्रभाव डालती है। इस गैस से लोग बेहोश तक हो सकते हैं। इस नींद की बीमारी के भय से यहां के निवासी जन लगातार पलायन कर रहे हैं। पिछले समय में काफी लोग यहां से पलायन कर दूसरे स्थानों पर रहने लगे हैं।

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