हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करते समय इन बातों का ध्यान रखें

Spread the love

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित करने के बाद और लोगों का यह जानना की संक्रमण संक्रामक है तब से ही पूरी दुनिया में हैंड सैनिटाइज़र के उपयोग में काफी उछाल आया है। इसके अलावा, सरकारी अधिकारियों ने घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नागरिकों को घर के बाहर फेस मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और हैंड सैनिटाइजर को ज्यादा से ज्यदा इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि यह निर्धारित करना मुश्किल है कि कितना हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करना सहीं होता है, लेकिन निम्नलिखित तथ्यों को जानने के बाद आप लापरवाही के बजाय सावधानी से इसका उपयोग करना शुरू कर देंगे।

अत्यधिक हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से त्वचा के अच्छे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं

कुछ लोगों को अपने हाथों को नियमित तौर पर सैनिटाइजर से साफ करने की आदत होती है जो कि उतना ही बुरा है जितना अच्छा। आपको बता दे कि जब हम हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करते हैं, तो हमारे हाथ से बुरे के साथ-साथ अच्छे सूक्ष्म जीव भी नष्ट हो जाते है, जो हमारी त्वचा के लिए आवश्यक है। अक्सर अत्यधिक हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करने वालें लोगों को अपने हाथ की त्वचा शुष्क होती हुई सी महसूस होती है, यह इसलिए होता है क्योंकि अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर त्वचा के बाहरी हिस्से से तेल को हटा देता है, इससे त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डल सकता है।

यदि साबुन और पानी उपलब्ध है तो सेनिटाइज़र का उपयोग करने से बचें

हैंड सेनिटाइजर का उपयोग पानी और साबुन की अनुपलब्धता में या चिकित्सा कार्य करते समय के लिए ही बनाया गया था। हमें यह समझना होगा कि हैंड सैनिटाइजर हाथ धोने से बचने का विकल्प नहीं है, बल्कि यह वैकल्पिक है जिसका उपयोग केवल साबुन और पानी उपलब्ध नहीं होने पर किया जाता है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, मानव शरीर में पाए जाने वाले अधिकांश वायरस हाथ में पाए जाते हैं क्योंकि हम आमतौर पर अलग-अलग वस्तुओं और चीजों को छूते हैं, यह जाने बिना कि वह वाइरस मुक्त है या नहीं। कीटाणुओं से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका है- हाथों को कम से कम 20 सेकंड के लिए साबुन और पानी से धोना।

अगर हाथों में मैल जमी हुई है तो हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से परहेज करें

हाथ गंदे होने पर हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करने का कोई लाभ नहीं होता है। गौरतलब है कि हैंड सैनिटाइज़र का उद्देश्य हाथों को कीटाणुरहित करना होता है न की साफ करना। अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र गंदगी को दूर नहीं करता हैं और यदि हाथ गंदे हैं तो वायरस और बैक्टीरिया को मारने में वह बिल्कुल भी प्रभावी नहीं होता है। इसलिए खेलकूद, बागवानी या बाहर खेलने में भाग लेने के बाद हैंड सैनिटाइजर से बचें।

जब कोई आपके सामने छिकें

जब हम किसी को आसपास छींकते या खांसते हुए देखते है, तो हम आमतौर पर अपने हाथों को सैनिटाइज़र से साफ करते हैं, लेकिन एैसे में सैनिटाइज़र का उपयोग करने का कोई मतलब नहीं होता है- यह सुनने में अजीब जरूर लगेगा। संभावना है कि जब कोई आपके सामने छिकें या खांसी करें तो आप सांस लेने पर उन हवा की बूंदों के माध्यम से किसी संक्रमण को पकड़ लें, इस घटना में शायद आपके हाथ पर कोई संक्रमण न आए परन्तु वायरस आपके शरीर में उस हवा में सांस लेने की वजह से प्रसारित जरूर हो जाएगा, इसलिए अपने घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क को अवश्य पहनें।

बिना कारण के हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करना

कोविड-19 महामारी के आने से लोगों को हैंड सैनिटाइजर के उपयोग करने की आदत सी हो गई है। कृपया किसी भी अवांछित चीज या व्यक्ति को छुए बिना हैंड सैनिटाइजर का उपयोग न करे, क्योंकि आप स्वयं को संक्रमण से बजाने की बजाए, अपने शरीर में और संक्रमण को आने का आमंत्रित दे रहे हैं। आपको बता दे कि हैंड सैनिटाइजर के अति प्रयोग से बैक्टीरिया समय के साथ प्रतिरोधी हो जाते हैं। जितना अधिक हम हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करेंगे, उतना ही अधिक कीटाणुओं की अल्कोहोल के प्रति सहनशीलता बढ़ जाएगी।

अग्नि संबंधी कार्य करते समय हैंड सैनिटाइजर से दूर रहे

सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए हैंड सैनिटाइज़र जिसमें अल्कोहल कम से कम 60 प्रतिशत होता है का प्रयोग करे। आपको बता दे​ कि अल्कोहल हैंड सैनिटाइज़र जिसमें एथिल (ethyl) और इसोप्रोपाइल (isopropyl) होता है वह सैनिटाइज़र बहुत ज्वलनशील होते हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो खूब वायरल हो रहा था जिसमें एक गाड़ी में आग लगने की वजह से चालक ने अपनी जान गंवा दी थी। कुछ लोगों का मानना है कि गाड़ी में अल्कोहल हैंड सैनिटाइज़र के होने की वजह से आग लग गई थी। पुलिस इस दुखद दुर्घटना की जांच में लगी हुई है। इस घटना के बाद से ही लोग अपनी कारों में अल्कोहल हैंड सेनिटाइजर रखने से बच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सैनिटाइटर में एथिल अल्कोहल का ऑटो-इग्निशन तापमान 363 डिग्री सेल्सियस होता है- जो बेहद गर्म तापमान पर प्रतिक्रिया करता है। लेकिन कुछ अग्नि संबंधी कार्य करते समय आप अल्कोहल हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग करने से बचना महत्वपूर्ण है।

आशा करते हैं कि आप अनावश्यक रूप से हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग नहीं करेंगे साथ ही कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए, आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे और अपने घरों से बाहर निकलते समय फेस मास्क को पहनेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *