निर्भया के दोषियों को दी जाएगी कल सुबह फांसी, फांसी को रोकने के सभी षड्यंत्र होए खत्म

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नई दिल्ली। आखिरकार कल वह दिन होगा जब निर्भया को 7 साल 3 महीने बाद न्याय मिलेगा। निर्भया मामले के एक दोषी पवन गुप्ता ने उच्चतम न्यायालय में क्यूरेटिव पेटिशन दायर की थी जिससे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। आपको बता दे कि कयूरेटिव पेटिशन में यह दलील दी थी कि व​ह वारदात के समय वह नाबालिग था इसलिए उसकी फाँसी की सजा घटाया जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पेटिशन को ख़ारिज करते हुए चारों दोषियों- मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर की फाँसी सुनिश्चित कर दिया है।

फांसी को राकने ​के लिए किए गए हर प्रकार के षड्यंत्र

फांसी से दो दिन पहले दोषी अक्षय की पत्नी पुनीता ने बिहार की औरंगाबाद जिले की कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी। दलील दी कि- मैं विधवा की तरह नहीं जीना चाहती, इसलिए फांसी से पहले कानूनी तौर पर हमारा तलाक हो जाए। तलाक का मामला पेंडिंग होने की वजह से दोषी डेथ वॉरंट की तारीख आगे बढ़ाने या रद्द करने की अपील कर सकते हैं? आपको बता दे लेकिन अगर दोषी अपील भी करते हैं तो कोर्ट अब उनकी फांसी नहीं रोक सकती। फांसी की सजा में दोषी को सारे कानूनी रास्ते इस्तेमाल करने का अधिकार होता है और चारों दोषियों ने अपने सारे कानूनी अधिकार इस्तेमाल भी कर लिए हैं। चारों की रिव्यू पिटीशन, क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका भी खारिज हो चुकी है।

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