उत्तर प्रदेश में छात्राओं के दिल में खौफ

Uttar Pradesh Student

छात्राओं के दिल में खौफ

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दिल्ली अप-टु-डेट
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में वैसे भी क्राइम तो था ही लेकिन जब से भाजपा की सरकार बनी तब से क्राइम बढता ही जा रहा है। सरकार एक तरफ तीस माह सफल सरकार का प्रचार-प्रसार करा रही है। तो वही दूसरी तरफ महिला बुजुर्ग असहायय गरीबों और गरीब स्वर्णो वंचितो और दलितो पर अत्याचार बड़े पैमाने हो रहा है और करने वाले कोई और नही भाजपा के छुटवाहिए नेता भाजपा के दलाल तथा मंत्री विधायको एवं सांसदो के गुर्गे है।

यह कोई मनगण्त कहानी नही बल्कि जमीनी हकीकत है क्योंकि कई वर्षो का अज्ञात वास झेलकर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तो उतने ही सालों से त्रस्त भाजपा के छुटवहिए नेता मंत्री विधायक तथा इनके गुर्गे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हुए है। क्योंकि उन्हें अब पता लग चुका है कि फिर उतने ही सालों का अज्ञातवास झेलना पड़ सकता है।

इधर तो दलाली हलाली कर नेता पैसा कमाने में जुटे हुए है। वही दूसरी तरफ कुछ शासन की हनक में अपनी भोग-विलास की भूख मिटाने में जुटे हुए है। पहले तो भेड़िए चापलूसो ने छात्रों पर अत्याचार ढहानें प्रारंभ किये और एक ऐंटी रोमियों का गठन किया और छात्रो पर उस ऐंटी रोमियों ने बिना वजह पीटा फिर भाजपा नेता स्कूल प्रबंधको ने छात्राओं के साथ छेड़खानी बदसूलकी की तो हद ही कर दी। अंतोगत्वा रेप भी करने लगे।

ऐसे कई नेता और विधायक है जैसे उदाहरण के तौर पर आप भाजपा विधायक उन्नाव उत्तर प्रदेश के कुलदीप सेंगर को ही ले लीजिए। इन्होंने खुद अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर युवती के साथ अगवा कर बलात्कार किया और बाद में उसके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसा दिया। इंशानियत तो उस दिन खत्म हो गयी। जब उसी का ऐक्सीडेंट करा दिया गया या हो गया। जिसमें पीड़िता का वकील भी साथ में था। तब जाकर विधायक का अत्याचार सभी की नजर में आया।

अब हम आपको शाहजहांपुर की घटना के बारे में रूबरू करा देते है। जहां एक कानून की पढ़ाई करने वाली छात्र का है तो कानून को पढाने वाले शिक्षक संस्थान के संरक्षक ने ही बेटी-बचाओं और बेटी पढ़ाओं अभियान को बढ़ावा दे दिया है। भाजपा नेता व मिनी मुख्यमंत्री जाने वाले स्वामी चिन्मयानंद उर्फ कृषण पाल सिंह का काला चिट्ठा अब हम आपको विस्तार पूर्वक बतायेंगे।

स्वामी चिन्मयानंद ने अपने ही शिक्षण संस्थान की छात्रा के साथ ऐसा कृत्य किया जो अब उजागर हो गया है। छात्रा को ब्लैक मेल कर उसका यौन शोषण मानसिक शोषण किया गया तथा बाद में जान से मारने की धमकी भी दी गयी तो आप इन सब कृत्यों से बखूबी समझ सकते है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में बेटिया छात्रा कितनी सुरक्षित है लेकिन सब घटनाओं को नजर अंदाज कर फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया सुरक्षित बेटियो का हवाला देते है।

मतलब सरकार फिर भी मानने को तैयार नही है। अब इस प्रकार सरकार की मंशा तथा लोगो की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। शाहजहांपुर मे स्वामी प्रकरण के चर्चा में आने के बाद से ही छात्राओं के दिल में खौफ बैठ गया है और वह अपने आप को चारो तरफ असुरक्षित महसूस कर रही है तथा उसको धीेरे-धीरे शि़क्षा से भी वंचित किया जाना प्रारंभ होने वाला है।

सभी छात्राओं के संरक्षको और माता-पिता पर इस घटना से बुरा असर पड़ा है कि ऐसा शिक्षण संस्थानों के मुखिया भी 72 वर्ष की उम्र में यह कृत्य कर सकते है। तो अन्य संस्थाओ के नौजवान मुखिया या संरक्षक क्या कर सकते है।

यह उनके दिलों में सोचने समझने की बात हो गयी है। बहुत से परिवारो ने अपनी बेटियो को स्कूल भेजना बंद कर दिया है तो कुछ परिवार अपनी लड़कियों को साथ लेकर आते जाते है। इस प्रकार उनके संरक्षको के दिलो और दिमाग में भय व्यापत है और बेटिया भी शिक्षा से वंचित न रह जाए उन्हें भी अपने भविष्य के खतरे का डर सता रहा है।

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