दूसरों की मदद करने के लिए धन से ज्यादा दिल से धनी होना है जरूरी

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नई दिल्ली। देश में चल रहे कोविद -19 संकट में लगभग हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद कर रहा है। कोरोना वायरस के इस कठिन समय में न केवल संपन्न लोग गरीब लोगों को सहायता प्रदान कर रहे हैं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव होने के बवाजूद वे अपने सर्वोत्तम तरीकों से दूसरों की मदद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में राजू बाजीगर के प्रयासों और देश के प्रति समर्पण के बारे में जनता को रूबरू करवाया। पीएम ने बताया ​कि राजू बाजीगर शारीरिक रूप से विकलांग होने के बवाजूद कोरोना वायरस की इस मुश्किल घड़ी में मुफ्त में गरीब लोगों को फेस मास्क व खाना का वितरण कर रहा है।

आपको बता दे कि राजू बाजीगर पंजाब के पठानकोट का रहने वाला है और वह पठानकोट एसएमडीआरएसडी कॉलेज के बाहर लोगों से भीख मांग कर कई सालों से अपना गुजारा करता आ रहा है। हमारे संवाददाता संजीव ठाकुर ने राजू के साथ फोन पर बातचीत कर उनके द्वारा किए गए लोगों की सहायता करने वाले कार्य को लेकर बधाई दी। राजू ने बताया कि जो पैसा उसे लोग देते है, वह उसे लगभग पूरी तरह से चैरिटी के कार्यों में उपयोग करता है और जीवन में स्वंय चुनौतियों का सामना करने की वजह से वह गरीब लोगों के दर्द और पीड़ा को अच्छे से समझता है। राजू ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मैंने दूसरों की मदद की है, गरीब लड़कियों की शादी में पैसे और जरूरी चीजें देकर मैंने चैरिटी करने वाले कार्यों की शुरुआत की थी।

राजू ने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से ही वह चैरिटी का कार्य अबतक कर पा रहा है, कुछ साल पहले कुछ स्थानीय लोगों ने उसे तिपहिया साइकिल दी थी और तब से राजू ने पूरे शहर को कवर करना शुरू कर दिया था, जिस वजह से उसकी आय दिन-ब-दिन बढ़ती गई। जब राजू से पूछा गया कि लॉकडाउन के दौरान कुल कितनी राशि का इस्तेमाल हुआ है, तो उन्होने बताया कि जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन और फेस मास्क की व्यवस्था करने में लगभग 1 लाख रुपये की राशि का उपयोग हो चूका है। आखिरी में, राजू ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरीब लड़कियों के लिए मुफ्त सिलाई सीखने केंद्र खोलने का सुझाव भी ​दिया है ताकि बच्चियां स्वतंत्र हो सकें तथा अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सके।

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