सोनीपत.
हरियाणा में एक्सप्रेसवे और हाईवे की वजह से गांव की तस्वीर बदल रही है. इससे गांव के आसपास भी प्रॉपर्टी के दामों में खासा उछाल देखने को मिल रहा है.ऐसे में जिन जमीनों के दामल छह-सात साल पहले एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के आसपास थे, अब सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक कीमत जा पहुंची है.
गोहाना में 1 करोड़ की जमीन अब 10 करोड़ में-
हरियाणा में एक्सप्रेसवे और हाईवे की वजह से गांव की तस्वीर बदल रही है. दरअसल, रोहतक-पानीपत हाईवे के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से दो सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं और इस वजह से आसपास की जमीन के रेट ब़ढ़ गए हैं. अब बाईपास और दो हाईवे के साथ कनेक्टिंग की वजह से नगर, बड़ौता, सिकंदरपुर माजरा और आसपास के गांवों की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों की नजर है. यहां पर दीनदयाल आवासीय क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है. इस वजह से लोग भी जमीन की खरीद फरोख्त में रुचि दिखा रहे हैं. इसके अलावा, पानीपत-रोहतक हाईवे के बाईपास और गोहाना- सोनीपत हाईवे के आसपास एग्रीकल्चर लैंड है. लेकिन हाईवे और बाइपास और सेक्टरों के चलते अब जमीन की कीमतें बढ़ी हैं. क्योंकि प्राइम लोकेशन के तौर पर यह इलाका उभर रहा है. अहम बात है कि रजिस्ट्री के दौरान कीमत कम दिखाई जाती है, लेकिन नकद में कैश लिया जाता है. लोकेशन के अनुसार सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक जमीन के रेट पहुंच रहे हैं. हैं। हाईवे से नजदीकी, सड़क की पहुंच और प्रस्तावित शहरी विकास के कारण जमीन के भाव में अंतर है. कुछ जगह हाईवे से दूरी और जमीन की स्थिति के अनुसार भाव कम हैं.
अवैध कब्जे के भी मामले
उधर नगर और बड़ौता के क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के मामले सामने आने पर जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग कार्रवाई कर चुका है. कई जगह अवैध रास्तों और निर्माणों पर बुलडोजर भी चलाया गया. क्योंकि लोग जमीन पर इसलिए भी अवैध निर्माण करने की फिराक में हैं, ताकि बाद में उंचे दाम पर खरीदफरोख्त कर सकते हैं.
क्विक आंसर्स
हरियाणा के गोहाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे और हाईवे के विकास के कारण छह-सात साल पहले जो जमीनें एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ बिकती थीं, उनके दाम अब बढ़कर सात से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गए हैं। रोहतक-पानीपत हाईवे के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टरों के विकास, बाईपास निर्माण, दो हाईवे की कनेक्टिविटी और दीनदयाल आवासीय क्षेत्र के विकसित होने से यह इलाका प्राइम लोकेशन बन गया है, जिससे जमीन के दाम बढ़े हैं। जिला नगर योजनाकार विभाग ने नगर और बड़ौता क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग के मामलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत बुलडोजर चलाकर अवैध सड़कों और निर्माण कार्यों को गिराया गया है।