छत्तीसगढ़ में महानदी पर बनेगा ₹63 करोड़ का पुल, शिवरीनारायण के लोगों को मिलेगी राहत

जांजगीर-चांपा 
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण को बड़ी सौगात मिली है. जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां पर महानदी पर 63 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से नए पुल बनाने की घोषणा की है. उन्होंने इसके लिए आवश्यक सर्वे कराने की बात भी कही है. इसके अलावा उन्होंने राम वन गमन पर्यटन पथ के तहत शिवरीनारायण का विकास करने की बात कही है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि शहर को नगर पालिका बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। 

महानदी पर पुल बनने से होंगे क्या फायदे?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से शिवरीनारायण का विशेष महत्व है. यहां की आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा. इसके अलावा नागारिकों को ध्यान रखते हुए सभी सुविधाएं दी जाएंगी. महानदी पर नए पुल के बनने से यातायात को फायदा मिलेगा. इसके अलावा आस-पास के क्षेत्रों में बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी. पुल बनने से लोगों को ज्यादा लंबा रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा। 

गंदे पानी को साफ करने के लिए बनेगा एसटीपी प्लांट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गंदे पानी को साफ करने के लिए एसटीपी प्लांट बनाया जाएगा. इससे महानदी का पानी भी साफ होगा. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के चरणों से यह धरती पावन हुई है. माता शबरी की इस धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है. उन्होंने कहा कि माता शबरी के बुलावे पर वह पत्नी के साथ यहां पहुंचे हैं. शिवरीनारायण की भूमि आस्था, भक्ति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है। 

विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है. जहां कभी नक्सलवाद के कारण शिक्षा और विकास की राह कठिन थी. वहां आज बच्चे स्कूल जा रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार देना है। 

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की हुई शुरुआत
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से लोग चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जा रहा है. इससे नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इसके बाद वह घर बैठकर आराम से लाभ ले सकेंगे। 

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Author: Editor

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