कश्मीरी गेट सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में CBI का छापा: रिश्वत लेते हुए सब-रजिस्ट्रार और रीडर समेत 4 गिरफ्तार

नरेंद्र धवन| नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कश्मीरी गेट स्थित राजस्व विभाग के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सब-रजिस्ट्रार, उनके कार्यालय का रीडर और दो निजी व्यक्ति शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन लोक सेवकों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक शिकायतकर्ता से सेल डीड (बिक्री विलेख) और रजिस्ट्री प्रदान करने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि यदि रिश्वत की राशि नहीं दी गई, तो उनके दस्तावेजों पर ‘लाल मुहर’ (Red Seal) लगाकर आपत्ति दर्ज कर दी जाएगी और फाइल को नगर निगम (MCD) भेज दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार का पुराना खिलाड़ी: डबास का ‘नेटवर्क’
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, रीडर रविंद्र डबास का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले आसफ अली रोड और झंडेवालान स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में तैनाती के दौरान भी डबास पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि ‘ऊंची पहुंच’ और आला अधिकारियों के साथ कथित सांठगांठ के चलते वह हर बार जांच की आंच से बच निकलता था। कश्मीरी गेट कार्यालय में तबादले के बाद भी डबास ने अपना पुराना ‘धंधा’ जारी रखा, जिससे वहां आने वाले आम लोग और अधिवक्ता बेहद त्रस्त थे।
वकीलों के सब्र का बांध टूटा, बिछाया गया जाल
रविंद्र डबास की कार्यशैली से परेशान अधिवक्ताओं ने इस बार आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया था। वकीलों का आरोप है कि डबास की मर्जी और ‘कमीशन’ के बिना इस दफ्तर में परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। छोटे से छोटे काम से लेकर बड़ी रजिस्ट्रियों तक के लिए अवैध वसूली का एक रेट कार्ड तय था।
“भ्रष्टाचार की इस पराकाष्ठा को देखते हुए 31 दिसंबर 2025 को एक अधिवक्ता धर्मेन्द्र गुप्ता ने CBI को लिखित शिकायत सौंपी थी।”

जाल बिछाकर रंगे हाथों पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 07 जनवरी, 2026 को जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान, एक निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। जांच में पाया गया कि यह पूरी उगाही सब-रजिस्ट्रार, रीडर और अन्य आरोपियों की आपराधिक साजिश का हिस्सा थी।
शिकायत के आधार पर CBI ने जाल बिछाया और बुधवार शाम को दफ्तर की घेराबंदी कर दी। टीम ने महत्वपूर्ण फाइलों को कब्जे में लिया है। वकीलों के बीच चर्चा है कि डबास का दबदबा इतना था कि वह एक साथ दो-तीन दफ्तरों का काम अनौपचारिक रूप से संभालता था।
इस गिरफ्तारी के बाद कश्मीरी गेट कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में दहशत का माहौल है। अब सवाल यह उठता है कि क्या CBI इस जांच की आंच उन ‘उच्च अधिकारियों’ तक भी ले जाएगी, जिनके संरक्षण में सालों से इस दफ्तर मे भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था? फिलहाल, चारों आरोपियों से CBI की पूछताछ जारी है जिसमे कुछ बड़े नामों का खुलासा होने की पूरी संभावना है।

Exclusive Report by Narender Dhawan

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Author: Narender Dhawan

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