कैथल/चंडीगढ़.
ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत मानवता व संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली। एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 78 जरूरतमंद बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया।
इन बच्चों में गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल रहे। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन ने बताया कि अप्रैल 2026 की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफलता पूर्वक निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है अपनी कैथल जिला की पुलिस पर जिन्होंने अभियान के दौरान 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया, जबकि 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त करवाया गया।
बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके
इसके अतिरिक्त 22 बच्चों को भीख मांगने की विवशता से बाहर निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया तथा आठ कचरा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) में शिफ्ट किया गया, ताकि उसे बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके।
इस अभियान के दौरान हर बच्चे की काउंसलिंग, चिकित्सा जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई। भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चा देश का भविष्य है और उसे भय, शोषण तथा असुरक्षा से मुक्त वातावरण देना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।