दिल्ली पुलिस ने रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के सिलसिले में एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तहसीन सैयद के रूप में हुई, जो मुख्य आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजी का करीबी दोस्त है। यह हमला बुधवार को सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान हुआ था। इस मामले में पहले ही ऑटोरिक्शा चालक खिमजी (41) को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि तहसीन को शुक्रवार देर रात गुजरात के राजकोट से पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया था और रविवार को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम राजकोट पहुंची थी, जहां उन्होंने तहसीन, जिग्नेश और चिराग सहित पांच लोगों से पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस तहसीन, जिसे ‘बापू’ के नाम से भी जाना जाता है, को दिल्ली ले आई। तहसीन और राजेश की दोस्ती 15 साल पुरानी है। जांच में पता चला कि तहसीन ने जी-पे के जरिए राजेश को दिल्ली में 2000 रुपये भेजे थे और वह पहले भी उसे समय-समय पर पैसे भेजता रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला करने वाला मुख्य आरोपी राजेशभाई खिमजी एक खूंखार अपराधी है। पुलिस जांच में सामने आया कि 2017 में राजेश ने एक मामूली विवाद के दौरान एक युवक पर तलवार से जानलेवा हमला किया था। इसके बाद उसने पास में रखी कपड़े धोने वाली थपकी से उसे बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया था। 2021 में राजेश को राजकोट से तड़ीपार कर दिया गया था। उसके खिलाफ राजकोट के भक्ति नगर पुलिस स्टेशन में मारपीट, हमला और शराब तस्करी से जुड़े पांच मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद राजेश ने पुलिस को बताया कि उसका एक रिश्तेदार दिल्ली की जेल में बंद है और वह उसकी पैरवी के लिए मुख्यमंत्री से मिलने आया था। हालांकि, पुलिस की जांच में यह दावा झूठा साबित हुआ। रिमांड के दौरान उसने काल भैरव के सपने और कुत्ते के आदेश पर दिल्ली आने की अजीबोगरीब कहानी सुनाई। अब वह पुलिस को बार-बार नई और भ्रामक कहानियां सुना रहा है।