कानपुर की अजीबो-गरीब घटना, बहन को आया सपना तो खुला भाई के हत्या का राज

कानपुर।

कानपुर में एक ऐसी भयावह घटना सामने आई, जिसने सभी को हक्का-बक्का कर दिया। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं, पर यह हकीकत है। रक्षाबंधन की रात एक बहन के सपने ने उसके भाई की हत्या का रहस्य उजागर कर दिया। 311 दिन बाद जब यह मामला सामने आया, तो पूरे गांव और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

दरअसल, शिवबीर सिंह की बहन पूजा ने बताया कि रक्षाबंधन की रात उन्हें एक अजीब सपना आया। सपने में उनके भाई ने कहा, “मुझे क्रूरता से मार दिया गया है।” इस सपने ने पूजा को अंदर तक झकझोर दिया। सुबह उठते ही उन्होंने अपनी मां सावित्री देवी को यह बात बताई। पहले तो परिवार को यह बात अटपटी लगी, लेकिन सावित्री को अपनी बहू मालती पर पहले से ही शक था। शिवबीर से कई महीनों से कोई संपर्क नहीं था, मालती बार-बार बहाने बनाती थी, और उसका फोन हमेशा बंद रहता। इन सब बातों ने उनके शक को और गहरा कर दिया।

सावित्री कई महीनों से पुलिस थाने के चक्कर काट रही थीं। हर बार उन्हें यही जवाब मिलता कि उनका बेटा गुजरात में नौकरी करने गया है और शायद संपर्क में नहीं है। लेकिन इस बार पूजा के सपने ने उनका सब्र तोड़ दिया। आंसुओं के साथ वह सीधे कानपुर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचीं। डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने उनकी हालत देखकर तुरंत कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया।

मामला सचेंडी थाने के प्रभारी अजय सिंह बिष्ट को सौंपा गया। पुलिस ने जब मालती के फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मालती ने कभी शिवबीर के नंबर पर कॉल नहीं किया था। इसके बजाय, उसकी ज्यादातर बातचीत अपने भांजे अमित के साथ थी। यही अमित वह शख्स था, जिसके साथ मिलकर मालती ने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।

पुलिस की सख्त पूछताछ में मालती और अमित टूट गए और उन्होंने सच कबूल कर लिया। पिछले साल 30 अक्टूबर की रात, यानी दिवाली से एक दिन पहले, मालती ने शिवबीर को नशीली दवा मिली चाय पिलाई। जब वह गहरी नींद में चला गया, तो मालती और अमित ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने शव को घर से बाहर ले जाकर पास के बगीचे में गड्ढा खोदा और उसे दफना दिया। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव पर 10 पैकेट नमक डाल दिया, ताकि वह जल्दी गल जाए और कोई निशान न बचे।

हत्या के बाद मालती ने परिवार और रिश्तेदारों को झूठ बोला कि शिवबीर गुजरात अपनी नौकरी के लिए गया है। कभी-कभी वह यह भी कह देती कि उसकी फोन पर बात हो रही है। लेकिन जब पूजा या सावित्री फोन करतीं, तो हमेशा फोन बंद मिलता। मालती का जवाब होता, “मुझसे तो बात हो जाती है, शायद आपका नंबर नहीं लग रहा।” यह झूठ करीब एक साल तक चलता रहा। लेकिन रक्षाबंधन पर पूजा का सपना और सावित्री की जिद ने सारी सच्चाई उजागर कर दी।

पुलिस ने सपने की कहानी को गंभीरता से लिया और जांच तेज कर दी। सबसे पहले अमित को हिरासत में लिया गया। सख्त पूछताछ में उसने सारा राज उगल दिया। इसके बाद मालती को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बगीचे में दबाए गए शव को बरामद किया और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। पूजा और सावित्री का दर्द अब शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पूजा ने कहा, “मेरा भाई हर रक्षाबंधन पर मुझे याद करता था। इस बार जब कोई खबर नहीं आई, तो मैं उसे बहुत मिस कर रही थी। तभी वह सपने में आया और बोला कि उसे मार दिया गया है। वही सपना मेरे भाई के लिए इंसाफ का रास्ता बना।” सावित्री देवी ने बताया कि उन्हें शुरू से ही मालती पर शक था, लेकिन बिना सबूत के वह कुछ कर नहीं पा रही थीं। बेटे का फोन महीनों से बंद था, और मालती हमेशा टालमटोल करती थी। अब सच सामने आने के बाद वह चाहती हैं कि उनके बेटे की आत्मा को इंसाफ मिले।

डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने कहा, “पूजा का सपना हमारे लिए एक संकेत बना, लेकिन जांच पूरी तरह सबूतों और तथ्यों पर आधारित थी। कॉल डिटेल्स और पूछताछ से यह साफ हो गया कि यह हत्या का मामला है। अब दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।” शिवबीर की हत्या का राज 311 दिन बाद खुला। बहन का सपना, मां का शक, और पुलिस की तेज कार्रवाई ने इस गुत्थी को सुलझा दिया। अब परिवार को उम्मीद है कि अदालत से उन्हें इंसाफ मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।

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Author: Office Desk

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