दिल्ली।
लाल किला के सामने 15 अगस्त पार्क में चल रहे जैन समुदाय के धार्मिक समारोह से एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत का कीमती कलश चोरी होने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया मूल्यवान कलश भी बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम भूषण वर्मा बताया जा रहा है, जो हापुड़ का निवासी है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने 10 विशेष टीमों का गठन किया था, हालांकि शुरूआत में केवल चार टीमें इसकी तहकीकात में जुटी थीं। जिले की स्पेशल स्टाफ, एएटीएस और एंटी नारकोटिक्स सेल जैसी इकाइयों के साथ-साथ चुस्त-दुरुस्त पुलिस अधिकारियों को इस काम में लगाया गया था।
दरअसल, इस कलश की चोरी के बाद जैन समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया था। इसकी कीमत को अगर एक तरफ रख भी दें, तो भी यह कलश जैन समाज के लिए अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है। जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने गिरफ्तारी से पहले बताया था कि आरोपी का सुराग मिल चुका है और टीमें जल्द ही उसे पकड़ लेंगी। जांच में यह भी सामने आया कि भूषण वर्मा लगातार इस आयोजन में शामिल होकर चोरी का मौका तलाश रहा था। जैसे ही उसे अवसर मिला, उसने इस घटना को अंजाम दिया और वहां से फरार हो गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 अगस्त पार्क में, जो लाल किला के ठीक सामने स्थित है, 28 अगस्त से जैन समुदाय का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा है। यह कार्यक्रम 9 सितंबर तक जारी रहेगा। इसके लिए एक विशेष मंच बनाया गया है। इस आयोजन में भाग लेने के लिए धोती और अंग वस्त्र पहनना जरूरी है। इन वस्त्रों को धारण करने के बाद ही कोई इस समारोह में शामिल हो सकता है।
सिविल लाइंस के व्यवसायी सुधीर जैन इस अनुष्ठान में रोजाना अपना कीमती कलश लेकर आते थे और इसे मंच पर रखा जाता था। इस दौरान उनके साथ अन्य श्रद्धालु भी मौजूद रहते थे। इस कलश में 760 ग्राम सोना, 150 ग्राम हीरे, माणिक्य और पन्ना जैसे बेशकीमती रत्न जड़े हैं। सुधीर जैन हर दिन इस कलश को वापस अपने साथ ले जाते थे। मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान आयोजक और अन्य लोग उनके स्वागत में व्यस्त हो गए। बिड़ला के जाने के बाद जब मंच पर नजर डाली गई, तो कलश गायब था।