अजित पवार मौत मामला: रोहित पवार का बड़ा खुलासा, जांच को लेकर रखी अहम मांग

मुंबई  
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश हादसे में 28 जनवरी को निधन हुआ था। इस  घटना को घटित हुए तीन हफ्ते से ज्यादा का वक्त हो गया है। रोहित पवार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे हादसे को गहरी साजिश करार दिया है। इसी के साथ उन्होंने हादसे से जुड़ी तकनीकी खामियों और विमान संचालक कंपनी पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की है।

कंपनी को मिल रहा है सत्ता का संरक्षण
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त Learjet 45 विमान का संचालन करने वाली कंपनी 'VSR वेंचर्स' को सत्ताधारी दलों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने दावा किया कि इस कंपनी के तार केंद्र और राज्य के प्रभावशाली नेताओं से जुड़े हैं। रोहित पवार ने सीधे तौर पर कहा कि DGCA के कुछ अधिकारी तथ्यों को दबाने और कंपनी को क्लीन चिट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
 
हादसे के पीछे के कारण?
रोहित पवार ने अपनी निजी जांच का हवाला देते हुए कुछ चौंकाने वाले दावे किए:
    पेट्रोल के कैन: उन्होंने आरोप लगाया कि विमान में यात्रियों के सामान वाली जगह पर पेट्रोल के अतिरिक्त कैन रखे गए थे, जिसके कारण आग बेकाबू हुई।
     विस्फोट का दावा: रोहित पवार के मुताबिक, क्रैश के समय विमान में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिससे ब्लैक बॉक्स की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
    मेंटेनेंस में लापरवाही: उन्होंने आरोप लगाया कि विमान की यांत्रिक स्थिति और रख-रखाव में भारी अनदेखी की गई थी।

पीएम मोदी और अमित शाह से न्याय की गुहार
रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा, "अजित पवार को न्याय केवल पीएम और गृहमंत्री ही दिला सकते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि वे प्रधानमंत्री को इस संबंध में ईमेल के जरिए पत्र लिखेंगे। इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाने का आग्रह किया।

28 जनवरी को हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी, 2026 को बारामती एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर विमान क्रैश हो गया था। इस भीषण हादसे में अजित पवार समेत चालक दल के सदस्य और सुरक्षा अधिकारी—कुल 5 लोगों की जान चली गई थी।

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Author: Editor

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