पटना में अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई को मंजूरी, खंभे और तार हटाएगी नीतीश सरकार

पटना
बिहार की राजधानी पटना के लोगों को बिजली के खंभों एवं तारों के जाल से मुक्ति मिलने वाली है। शहर में अब बिजली की सप्लाई अंडरग्राउंड होगी। इसके लिए जमीन के अंदर केबल बिछाई जाएगी। नीतीश कैबिनेट से इस परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 41 एजेंडे पारित हुए।
 
जानकारी के अनुसार, पटना शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के जरिए घरों में बिजली आपूर्ति की परियोजना का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत किया गया। इस परियोजना पर कुल 653 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। परियोजना के तहत पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (पेसू) के अंतर्गत 13 प्रमंडलों में भूमिगत केबलिंग के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना पर 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार द्वारा खर्च की जाएगी। जबकि शेष 40 फीसदी बजट बिहार सरकार खर्च करेगी।

क्या होती है अंडरग्राउंड केबलिंग?
अभी पटना में बिजली की सप्लाई खंभों पर लटके तारों से होती है। नई परियोजना में जमीन के अंदर भूमिगत केबल बिछाई जाएगी, जिससे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इससे आंधी-तूफान के समय बिजली की कटौती से छुटकारा मिलेगा। साथ ही तंग गलियों और चौक-चौराहों पर तार हवा में लटके रहने से हादसों का जोखिम भी कम होगा। इससे शहर की सौंदर्यता बढ़ेगी और बिजली चोरी से विद्युत विभाग को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment