कोटा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, ऑपरेशन म्यूल हंटर में 70 करोड़ का नेटवर्क बेनकाब

कोटा

राजस्थान के कोटा ग्रामीण पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जिसमें पिछले 10 दिनों में 4 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े बैंक खातों में देशभर में करीब 70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं.

डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर बिछाया जाल
 पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के मुताबिक, यह गिरोह ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर मार्केट निवेश, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था.आरोपी नवनीत विजयवर्गीय कोटा के महावीर नगर का रहने वाला है जबकि सलमान अहमद तलवंडी क्षेत्र का रहने वाला है वही एक नाबालिग को भी निरूद्ध किया गया है . आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करते थे, जिन्हें बाद में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किया जाता था.

पेंशन के बहाने 58 करोड़ का 'खूनी' लिंक
जांच में सामने आया कि अलग-अलग मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई. एक मामले में पेंशन चालू करवाने के बहाने सिम और बैंक डिटेल लेकर करीब 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से लिंक मिला. वहीं अन्य मामलों में 1.69 करोड़, 71 लाख और करीब 9.71 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के युवक शामिल हैं, जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर गिरोहों से जुड़े हुए थे.

 साइबर सेल ने किया खुलासा
इस कार्रवाई में सुल्तानपुर, इटावा, दीगोद और रामगंजमंडी थाना पुलिस सहित साइबर सेल की विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया. पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा.

Editor
Author: Editor

Leave a Comment