चंडीगढ़
भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के मुद्दे पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह को अपने गृह राज्य गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन की एक-दो, पांच या 10 किलो की खेप पकड़ी जाती है, जबकि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से तीन-तीन हजार किलो की खेप पकड़ी जा रही है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक ओर पंजाब को नशे के लिए बदनाम किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर अन्य राज्यों से बड़ी खेपें आ रही हैं। भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पंजाब में नशे फैला रही है और दूसरी तरफ नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रही है, यह दोहरा चरित्र है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पंजाब को बदनाम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। मान ने बताया कि कि देश में एनडीपीएस मामलों में होने वाली हेरोइन की बरामदगी में पंजाब का योगदान करीब 60% है, लेकिन नशे की सप्लाई के स्रोतों पर भी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी रोकना केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब ने नशीले पदार्थों को रोकने के लिए अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।
विपक्ष की सियासत पर सीएम मान ने गिद्धों वाला तंज क्यों कसा?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विपक्ष के आचरण पर बेहद कड़े शब्दों में आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ‘जब आपके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं होता, तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं.’ यह जनता की सेवा की राजनीति नहीं है. यह पूरी तरह से गिद्धों वाली राजनीति है. पंजाब की जनता इस घटिया राजनीति से कहीं बेहतर की हकदार है।
मान ने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई की तारीफ करने के बजाय विरोधी दल डर का माहौल बना रहे हैं. वे केवल सियासी फायदे के लिए पंजाब को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. पंजाब कोई साधारण सीमावर्ती राज्य नहीं है. यह देश का मुख्य प्रवेश द्वार और भारत का अनमोल गहना है।
कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं को आधार बनाकर पूरे सूबे की गलत छवि पेश की जा रही है. मान ने कहा कि यह पंजाब और यहां के मेहनती लोगों को बदनाम करने की सोची-समझी चाल है. सूबे की जनता ऐसे नकारात्मक अभियानों को कभी स्वीकार नहीं करेगी. सरकार अपराधियों के आगे कभी नहीं झुकेगी।
पाकिस्तान का नशा कैसे रुका और अब नया सप्लाई रूट कौन सा बन गया?
मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी की जमीनी हकीकत जनता के सामने रखी. 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से पंजाब में नशा भेजने की लगातार कोशिशें होती रही हैं. पंजाब सरकार की सख्त निगरानी की वजह से पाकिस्तान से आने वाला 80 फीसदी नशा अब खत्म हो चुका है. सीमा पार से आने वाली छोटी खेपों को भी लगातार पकड़ा जा रहा है।
पाकिस्तान का रूट टूटने के बाद अब नशा तस्करों ने नए रास्ते चुन लिए हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब 80 प्रतिशत नशा गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से पंजाब आ रहा है. नशा तस्करी के इन नए रास्तों को भी पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी रोकना प्राथमिक तौर पर केंद्र सरकार की सीधी जिम्मेदारी है. इसके बावजूद पंजाब सरकार ने अपने सरकारी फंड से कई एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं. इन आधुनिक तकनीकों से सीमा पार से आने वाले ड्रोनों को गिराया जा रहा है. पंजाब अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को सीधे कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से नशीले पदार्थों की खेपें मौजूद हैं. केंद्रीय गृह मंत्री को इस बात का स्पष्ट जवाब पूरे देश को देना चाहिए।
गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3000 किलो नशा पकड़ा गया था. इस मामले में जिम्मेदार बड़े लोगों के खिलाफ कोई ठोस और सार्थक कार्रवाई नहीं की गई. पंजाब पुलिस ने खुद मुंद्रा पोर्ट से जुड़े बड़े नशा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने वहां से आने वाली नशीले पदार्थों की भारी खेप बरामद की थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अपने गृह राज्य गुजरात में नशे की आमद रोकने में पूरी तरह असमर्थ रहे हैं. इसके विपरीत भाजपा के नेता पंजाब में आकर नशा विरोधी यात्रा निकालने का ढोंग कर रहे हैं. गुजरात में लाखों टन नशा पकड़ा जा रहा है, लेकिन वहां सख्त कदम नहीं उठाए जाते. दूसरी तरफ पंजाब ने देश की सबसे बड़ी नशा विरोधी मुहिम चला रखी है।
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने साल 2022 से अब तक क्या बड़ा एक्शन लिया?
मुख्यमंत्री ने राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए. पंजाब सरकार ने संगठित अपराध के खात्मे के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया था. साल 2022 से लेकर अब तक इस टास्क फोर्स ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
पंजाब पुलिस ने इस अवधि के दौरान अपराधियों से 1170 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं. इसके अलावा 15 खतरनाक हथगोले भी जब्त किए गए हैं. ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने 858.26 किलो हेरोइन और 480.26 किलो अफीम पकड़ी है।
टास्क फोर्स ने छापेमारी के दौरान 3056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए हैं. विदेशों में छिपकर बैठे अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया है. पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों की मदद से अब तक 18 बड़े गैंगस्टरों को डिपोर्ट करवाकर पंजाब वापस लाया है. इनमें से 10 गैंगस्टरों को इसी साल जनवरी से अब तक वापस लाया गया है।
‘विपक्ष बंद करे गिद्धों वाली गंदी राजनीति’, मान बोले- विदेशों से 10 गैंगस्टर वापस लाए.
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गुजरात जेल को लेकर क्या सनसनीखेज दावा किया?
मुख्यमंत्री ने गैंगस्टरवाद को केवल एक राज्य की समस्या मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि गैंगस्टरवाद एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. यह देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए सीधा खतरा है. केंद्र सरकार इस राष्ट्रीय संकट को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
मान ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की जेल में भाजपा सरकार ने सुरक्षित पनाह दे रखी है. उस कुख्यात गैंगस्टर को पंजाब पुलिस की कस्टडी में लाने की इजाजत तक नहीं दी जा रही है।
अगर केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर सख्त रवैया अपनाए, तो ऐसे सिंडिकेट कभी नहीं पनप सकते. मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है. राज्य की पुलिस हर गिरोह की जड़ों पर वार कर रही है. किसी भी अपराधी को पंजाब की शांति भंग करने की छूट नहीं दी जाएगी।
अकाली दल और कांग्रेस के पुराने सियासी रिकॉर्ड पर मान ने क्या आईना दिखाया?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को उनके पुराने शासनकाल की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने अपने दौर में गैंगस्टर कल्चर और नशा नेटवर्क को खूब फलने-फूलने दिया. जो लोग खुद अपराधियों को पालते रहे हैं, उन्हें कानून-व्यवस्था पर उपदेश देने का कोई नैतिक हक नहीं है।
विपक्षी नेताओं को पंजाब की मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. पंजाब की जनता उन काले दिनों को कभी नहीं भूल सकती. उस दौर में बड़े गैंगस्टरों को खुला सियासी संरक्षण हासिल था. अपराधी बेखौफ होकर समाज में घूमा करते थे।
मान ने कहा, ‘हर दुखद घटना पर राजनीति करके इतना नीचे मत गिरिए.’ पंजाब ऐसी घटिया सियासत के कारण पहले ही बहुत गहरा संताप भोग चुका है. जनता अब खोखले भाषणों के बजाय ठोस समाधान चाहती है. विपक्षी दल पंजाब के भले के लिए अपनी गंदी राजनीति बंद करें।
पंजाब की अस्मिता और केंद्र के साथ अधिकारों की जंग का क्या है सच?
मुख्यमंत्री ने पंजाब के साथ जुड़े कई ऐतिहासिक और बुनियादी मुद्दों पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि दरियाई पानी का विवाद हो या राजधानी चंडीगढ़ का मसला, पंजाब कभी अपने हक से पीछे नहीं हटेगा. पंजाब यूनिवर्सिटी के सिलेबस में दखलंदाजी और काले कृषि कानूनों जैसी ज्यादतियों को कभी सहन नहीं किया जाएगा।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश के लिए हमेशा कुर्बानियां देता आया है. इसलिए यह राज्य हर लिहाज से एक विशेष आर्थिक पैकेज का हकदार है।
पंजाब ने देश की रक्षा और अन्न सुरक्षा में हमेशा सबसे बड़ा योगदान दिया है. देश को जब भी साहस, बलिदान और सेवा की जरूरत पड़ी, पंजाबी सबसे आगे खड़े रहे. यह योद्धाओं, किसानों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों की महान धरती है. किसी को भी अपने तुच्छ सियासी फायदे के लिए इस पवित्र धरती को बदनाम नहीं करने दिया जाएगा।
पंजाब के नौजवानों को बचाने का रोडमैप क्या है?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा और अपराध मुक्त पंजाब के लिए अपनी सरकार का विजन स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि सरकार की लड़ाई सिर्फ कुछ छोटे तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. सरकार पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान कर रही है।
नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ा जा रहा है. तस्करों और गैंगस्टरों के अवैध वित्तीय साधनों को जब्त किया जा रहा है. पुलिस अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर सीधे प्रहार कर रही है. किसी भी अपराधी को सूबे का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मान ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे अवसरवादिता की राजनीति छोड़कर पंजाब के विकास में सहयोग करें. लोकतंत्र में सियासी मतभेद होना स्वाभाविक बात है. जब बात पंजाब की शान, नौजवानों और भविष्य की हो, तब सभी को संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना चाहिए. सरकार पंजाब को अधिक सुरक्षित, नशा मुक्त और खुशहाल बनाने के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग रहेगी।