दिल्ली पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन देन वाले एक साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भांडाफोड़ कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कंपनी कथित तौर पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराध करती थी।
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने 30 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन से जुड़े कथित साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक पुलिस के मुताबिक अब तक विभिन राज्यों की 27 साइबर फ्रॉड शिकायते इस नेटवर्क से जुडी है। यह मामला दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज की एक छात्र के नाम पर 6450 रुपये की ठगी की शिकायत की जाँच के दौरान सामने आया। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले की रहनेवाली एक छात्रा ने इंस्टाग्राम पर ‘काव्या कुर्ती हब’ नामक आकउंट का विज्ञापन देखकर 799 रुपये का आर्डर दिया और क्यूआर कॉड के जरिये 400 एडवांस पेमेंट भी कर दिया था। इसके बाद में पार्सल डिलीवरी से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने पासकोड के बहाने उससे कई बार भुगतान करवाया। इसके बावजूद छात्र तक उसका पार्सल नहीं पंहुचा।
ठगी करने वाले सभी आरोपी पकडे गए
दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में छापेमारी कर आदित्य मिश्रा , आयुष वर्मा , अभिषेक पाल ,हिमांशु राणा ,गौरव कुमार और अतुल पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जाँच में 21 अक्टूबर को उदित प्रताप सिंह भदौरिया को पकड़ा गया।
25 खातों में ठगी की लेनदेन का शक
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर फॉर्म भरवाकर चालू बैंक खाता खुलवाए। करीब 25 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किये जाने का शक है। इन खातों , बैंकिंग किट और सिम कार्ड को कथित तोर पर कमीशन के बदले आगे उपलब्ध कराया जाता था।
छापेमारी में 20 फ़ोन समेत अन्य सामान मिले
छापेमारी में पुलिस ने 20 फ़ोन ,45 सिम कार्ड , 39 पीओएस , 33 डेबिट कार्ड , 28 चेक बुक ,15 स्कैनर , 2 लेपटॉप ,5 मुहरे , 7 आधारकार्ड , 5 पैनकार्ड ,और बैंक खातों से जुड़े 21 दस्तावेज बरामद किए। किजेन्टेक सोल्यूशन , एगजीक्योंटिव एज और नेकसकोरे नाम की तीन संदिग्ध फॉर्म का भी पता चला। .
DCP निहारिका भट्ट ने बताया की कार्येवहि में तकनिकी विश्लेषण और उत्तर प्रदेश तथा ग्रेटर नॉएडा में छापेमारी की गई है। पुलिस जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक रिकॉर्ड की जाँच कर अन्य मामलो से नेटवर्क का पता लगा रही है।