यूपी में भीषण गर्मी का कहर: बांदा-प्रयागराज 46 डिग्री पार, कई जिलों में रेड अलर्ट

लखनऊ

यूपी में प्रचंड धूप, गर्म हवाओं ने शुक्रवार को भी 25 शहरों को झुलसाया। बांदा 46.4 और प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए रेड, 18 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है।

क्या है वजह
मध्य भारत में प्रति चक्रवात, शुष्क पछुआ से समूचा प्रदेश तप रहा है।

कहां असर
चार जिलों के लिए लू का रेड, 18 में ऑरेन्ज अलर्ट।

तापमान
अधिकतम 42.4 डिग्री, न्यूनतम सामान्य से 3.3 डिग्री 28.8 डिग्री

यहां रेड अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रयागराज।
आगे क्या: दो दिन बाद पछुआ और बढ़ाएगी तपिश

मौसम विभाग के अनुसार हवा के ऊपरी क्षोभमंडल में पुरवा ने जोर पकड़ लिया है। इससे हवा में नमी बढ़ गई, जिसके कारण ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आई है। मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत 48 घंटे की है, इसके बाद फिर गर्म पछुआ जोर पकड़ेगी और तपिश चढ़ेगी।

आसमान से बरसती आग को कम नहीं कर सका एक डिग्री गिरा पारा
भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को पश्चिम यूपी में दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी राहत नहीं दे सकी। दिनभर चिलचिलाती धूप और लू के बीच वेस्ट यूपी में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहा। अब तक दिन में जारी भीषण गर्मी का असर अब रात को भी होने लगा है। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम मापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन का सर्वाधिक है। गुरुवार की रात मेरठ में सीजन की सबसे गर्म रही। आने वाले 24-48 घंटे में दिन-रात के तामपान में और बढ़ोतरी के आसार हैं। रात में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है।

मेरठ में अभी नियंत्रण में वेट 24 मई को राहत की आस
निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार 24 मई के आसपास दिल्ली और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी एवं हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कम है।

वेट बल्ब तापमान सामान्य
भीषण गर्मी के बीच मेरठ में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यहां अभी वेट बल्ब तापमान सामान्य सीमा में है। वेट बल्ब तापमान हवा के तापमान और उसकी आर्द्रता यानी नमी का संयुक्त माप है जो बताता है कि पसीना आने पर शरीर स्वयं को कितना ठंडा रख सकता है। थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। जब गर्म हवा में नमी अधिक होती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें सामान्य से कहीं अधिक भीषण गर्मी का अहसास होता है।

वैज्ञानिक स्थिति में 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान मानव शरीर के लिए अधिकतम सीमा है। वेट बल्ब तापमान ऊपर चला जाता है तो पसीना वाष्पीकृत होना पूरी तरह बंद हो जाता है और मौत तक हो सकती है। शुक्रवार को मेरठ में वेट बल्ब तापमान 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो अभी सहनीय श्रेणी में है। 25-30 डिग्री का वेट बल्ब तापमान असहज की स्थिति पैदा करता है 30-31 डिग्री सेल्सियस उच्च जोखिम स्तर लाता है। 31-35 डिग्री सेल्सियस अत्यधिक जोखिम श्रेणी है।

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Author: Editor

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