चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर 15वीं बार दरियादिली दिखाई है। वह 40 दिनों के पौरोल पर बाहर आ रहा है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर जेल से बाहर आ चुका है। आपको बता दें कि वह अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है। अदालत ने उसे दोनों मामलों में अलग-अलग 10-10 साल की सजा सुनाई थी।
इससे पहले वह पिछले साल अगस्त महीने में 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। इस दौरान उसने डेरा मुख्यालय में सत्संग और प्रवचन भी दिया। गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, 2002 में अपने ही मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। हालांकि, इस साल मई 2024 में उसे और चार अन्य आरोपियों- अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह को "दोषपूर्ण और संदिग्ध जांच" का हवाला देते हुए बरी कर दिया गया।
पिछले साल जनवरी में भी राम रहीम को 20 दिन की पैरोल मिली थी, जबकि अप्रैल में 21 दिन की फरलो दी गई थी। अगस्त में उसे फिर 40 दिन की पैरोल दी गई थी। उसकी लगातार रिहाई पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले वर्षों में देखा गया है कि राम रहीम को चुनावी समय के आसपास जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है।
अक्टूबर 2020: हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल
फरवरी 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की फरलो
जून 2022: हरियाणा में निकाय चुनाव के दौरान एक महीने की पैरोल
अक्टूबर 2022: हरियाणा उपचुनाव के दौरान 40 दिन की पैरोल